हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सरकार को ‘मित्रों की सरकार’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसे प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। मंडी से जारी एक प्रेस बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने हर साल एक लाख सरकारी नौकरियां देने का चुनावी वादा किया था। हालांकि, कार्यकाल के चौथे वर्ष में भी स्थिति इसके विपरीत है, जहां पढ़े-लिखे युवा सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं और मुख्यमंत्री अपनी मेहरबानियां केवल सेवानिवृत्त मित्रों और चहेतों पर बरसा रहे हैं। सुक्खू सरकार पर साधा निशाना जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार में योग्यता और वरिष्ठता को दरकिनार कर केवल चाटुकारिता को पुरस्कृत किया जा रहा है। इसका एक उदाहरण यह है कि मुख्यमंत्री ने अपने एक तहसीलदार मित्र को तमाम प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर एचएएस अधिकारी बना दिया, जबकि इस पदोन्नति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका अभी भी लंबित है। जयराम ठाकुर ने इसे न्यायपालिका की गरिमा का अपमान बताया। नेता प्रतिपक्ष ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने इस विभाग में एक भी बेरोजगार युवा को स्थायी रोजगार का अवसर प्रदान नहीं किया। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कार्यकाल के चौथे वर्ष में प्रवेश करते ही 530 पटवारी पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया, जिसके माध्यम से प्रदेश के लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के अभ्यर्थियों से परीक्षा शुल्क के नाम पर 12 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूल ली गई।

Spread the love