हिमाचल प्रदेश के मंडी में आज (शनिवार को) ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मंडी के तल्याहड़ में मंडी-धर्मपुर नेशनल हाईवे 003 बना रही कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान केंद्र सरकार से कंपनी को बदलने की मांग की गई। सोशल वर्कर डॉ. अनुपमा सिंह ने बताया कि कंपनी ने निम्न क्वालिटी का काम किया है। सड़क की कटिंग वैज्ञानिक ढंग से नहीं की गई। जहां जहां टारिंग की थी, वह पूरी तरह टूट चुकी है। लोगों के घरों के पीछे कंपनी ने पानी की निकासी के लिए कल-वट लगाए हैं। इससे मानसून में लोगों के घरों को खतरा पैदा हो गया है। नितिन गडकरी से भी मामला उठाया: अनुपमा अनुपमा ने कहा, हाईवे बना रही कंपनी ने जगह जगह अवैध डंपिंग की है। इससे ग्रामीणों की जमीन को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दो महीने पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर क्वालिटी वर्क और कंपनी को हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा, 900 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद हमारी सड़क की हालात आज भी पहले जैसी है। इसलिए अब ग्रामीण कंपनी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार है। साथ ही उन्होंने इस हाईवे की डीपीआर को सार्वजनिक करने की मांग की। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे: डॉ. अनुपमा सोशल वर्कर डॉ. अनुपमा ने कहा, सड़क के घटिया निर्माण कार्य के खिलाफ जल्द हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की जाएगी। इसके लिए आज से ही एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में एनएचएआई के खिलाफ लामबद्ध हो रहे लोग बता दें कि, प्रदेश के अलग- अलग क्षेत्रों में लोग NHAI के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश में बन रहे एनएच और फोरलेन के कारण लोगों के घरों पर संकट आ गया है। इससे लोग एनएचएआई के खिलाफ लामबद्ध होने लगे हैं। बीते दिनों शिमला में भी फोरलेन बना रही एनएचएआई की कंपनी के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। राज्य के पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी इनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

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