हिमाचल प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ गंभीर नहीं है। वीरवार को शिमला में उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में रेड क्रॉस का केवल एक नशा मुक्ति केंद्र है, जो कुल्लू में स्थित है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार को आगे आकर विभिन्न स्थानों पर नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने चाहिए थे। लेकिन सरकार की ओर से सिर्फ एक ही बयान आता है कि सरकार सिरमौर में जमीन तलाशने की बात कही जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ के बारे में सुना था लेकिन अब हिमाचल की स्थिति भी वैसी ही होती जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी विधायकों को पत्र लिखकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित करने करने का आग्रह किया था लेकिन प्रयास संभव नहीं हो पाया। क्योंकि अधिकतर विधायकों ने रुचि नहीं दिखाई । राजभवन ने नशे के खिलाफ अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर काम किया- राज्यपाल
राज्यपाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राजभवन ने नशे के खिलाफ अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर काम किया है। विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों को बुलाकर, खेल कूद प्रतियोगिताओं, विश्वविद्यालय में सभी छात्रों एडमिशन फॉर्म में नशा न करने का कॉलम शुरू होना इत्यादि विभिन्न कार्य किए है और आगे भी करेंगे। वहीं राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी हिमाचल राजभवन की नशे के खिलाफ किए जा रहे कार्यों की सरहाना की है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री मनसुख मानवड़िया ने उसने मुलाकात की और उतर प्रदेश के काशी में आयोजित नशे के खिलाफ कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने हिमाचल प्रदेश में राजभवन द्वारा किए जा रहे कार्यों का जिक्र किया और केंद्र सरकार ने राजभवन के कार्यों को केन्द्र सरकार के अभियान नशा मुक्त अभियान व विकसित भारत में शामिल करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के नशा मुक्त भारत के संकल्प के तहत युवा मंत्रालय एवं खेल मामलों द्वारा यह नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में हिमाचल राजभवन के प्रयासों का शामिल होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।