हिमाचल के मंडी में खराब मौसम के बीच वायुसेना ने मोर्चा संभाल लिया है। आज वायुसेना का हेलिकॉप्टर राहत सामाग्री लेकर मंडी से रवाना हुआ। जंजैहली के खनुखली हेलीपैड के लिए निकला हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण रैणगलू में उतरा। डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि पहली उड़ान में 40 राशन किट भेजी गईं। इसके अलावा 20 तिरपाल, 120 पानी की बोतलें, दो बॉक्स दवाइयां और दो बॉक्स कपड़े भी भेजे गए। मौसम विभाग ने 5 से 9 जुलाई तक भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। विशेष रूप से 6 जुलाई दोपहर से 7 जुलाई दोपहर तक बारिश की तीव्रता सर्वाधिक रहेगी। इस दौरान बिजली गिरने की भी आशंका है। इसी वजह से रेड अलर्ट जारी किया गया है। 7 और 8 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 9 जुलाई को भी मौसम खराब रहने की संभावना है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने का निर्देश
डीसी अपूर्व देवगन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा है। आपात स्थिति में नजदीकी प्रशासनिक अधिकारी या कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। वहीं कार्यवाहक एसडीएम गोहर स्मृतिका नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रभावितों को अब तक 7 लाख रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से लगभग 350 तिरपाल, 45 कम्बल और 75 राशन किट बांटी गई हैं। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से उपमंडल गोहर के लगभग 36 परिवार प्रभावित हुए हैं। उपमंडल में आपदा से क्षेत्र में बाधित हुई विद्युत व्यवस्था को अधिकतर क्षेत्रों में बहाल कर लिया गया है। आपदा के कारण क्षेत्र में लगभग 144 ट्रांसफॉर्मर बंद हुए थे, जिनमें से 74 को पुनः ठीक कर विद्युत व्यवस्था को बहाल कर लिया गया है। आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई लाइनों में से लगभग 7 किलोमीटर लंबी लाइनों को रिस्टोर कर लिया गया है।