[अनुरंजनी गौतम-कुल्लू ] पंचायत चुनावों में भष्ट्राचार रोकने के लिए प्रदेश भष्ट्राचार और अपराध नियंत्रण बल ने टास्क फोर्स तैनात की है। जो ग्राम स्वराज मंच के साथ मिलकर चुनाव में हो रहे भष्ट्राचार पर नजर रखेंगी। एसीसीएफ के राज्य प्रमुख नाथू राम चौहान ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी विभिन्न तरह के गैर कानूनी तरीके अपनाते है। पंचायत चुनाव में बकरे की हत्या, शराब और पैसों के बल पर मत को खरीदने जैसी कुप्रथा विशेष हैं। इन कुप्रथाओं को रोकने के लिए भष्ट्राचार और अपराध नियंत्रण बल और ग्राम स्वराज मंच के संयुक्त तत्वाधान में मतदाताओं को जागरूक करेगा। मतदाताओं को उनके अधिकारों के बारे में बताया जाएगा। हालांकि पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों को भी एक मंच पर लाया जाएगा। जिसमें आम जनता पंचायत के विकास से संबंधित प्रश्न प्रत्याशियों से कर सकते हैं।एसीसीएफ की जिला सहायक प्रमुख मीरा आचार्य ने कहा कि पंचायत चुनावों को लेकर आचार संहिता लागू हो चुकी है। लेकिन चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी मत्दाताओं को लुभाने के लिए बकरों और शराब की दावत देते हैं। अनुमान के अनुसार एक पंचायत में कम से कम दस बकरों की दावतें सभी पक्षों की तरफ  से दी जाती हैं। जिस पर लाखों रुपए खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में बकरों की दावतों, पैसा लुटाने की प्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने की आवश्यकता है। जिसके लिए एसीसीएफ ने टास्क फोर्स तैनात की है।

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