भाजपा विधायक एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर सुक्खू सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को केंद्र से स्वीकृत परियोजनाओं की स्थिति, जारी धनराशि, खर्च और लंबित कार्यों का ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए। रणधीर ने यह मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के बयान पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की प्रतिक्रिया के बाद की। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केंद्र के सहयोग से चल रही परियोजनाओं का श्रेय और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्पष्ट करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि विभिन्न क्षेत्रों में स्वीकृत परियोजनाओं में कितने काम पूरे हो चुके हैं और कितने अब भी लंबित हैं। स्वास्थ्य परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर सवाल शर्मा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, नौ क्रिटिकल केयर ब्लॉक में से एक के पूरा होने, 12 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में से किसी के पूरा नहीं होने और 73 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में से 29 के निर्माण की जानकारी समीक्षा में सामने आई थी। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि इन परियोजनाओं को पूरा करने और मरीजों के लिए सुविधाएं शुरू करने की समयसीमा क्या है। उन्होंने स्वास्थ्य ढांचे के लिए करीब 360 करोड़ रुपये की सहायता से संबंधित कार्यों की स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की। बल्क ड्रग पार्क और रेल परियोजनाओं पर मांगा हिसाब भाजपा विधायक ने ऊना बल्क ड्रग पार्क के लिए स्वीकृत 1,000 करोड़ रुपए के केंद्रीय अनुदान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें से 225 करोड़ रुपये जारी हुए थे और करीब 117 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। उन्होंने उद्योग मंत्री से परियोजना के मौजूदा काम, शेष राशि के उपयोग और इसे पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट करने को कहा। शर्मा ने चंडीगढ़-बद्दी रेल परियोजना में राज्य की करीब 231 करोड़ रुपये की लंबित हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि यह राशि कब जारी की जाएगी। उन्होंने भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल परियोजना में भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा करने की मांग की। आपदा पुनर्निर्माण के खर्च का ब्योरा मांगा रणधीर शर्मा ने आपदा के बाद पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृत सहायता और परियोजनाओं पर खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्वीकृत राशि, वास्तव में प्राप्त धन, खर्च और पूरे हुए कार्यों का अलग-अलग ब्योरा देना चाहिए, ताकि पता चल सके कि सहायता का लाभ प्रभावित लोगों तक कितना पहुंचा है। शर्मा ने केंद्र से स्वीकृत परियोजनाओं को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर परियोजनाओं की प्रगति स्पष्ट करनी चाहिए।

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