आम आदमी पार्टी (AAP) ने हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा करने की दिशा में काम कर रही है। AAP के प्रदेश प्रभारी ऋतुराज झा ने मंगलवार को शिमला में पार्टी के नए प्रदेश कार्यालय के उद्घाटन के दौरान यह बात मीडिया से कही। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 15 नवंबर के आसपास शिमला आ सकते हैं। उनके दौरे के दौरान पार्टी की आगामी रणनीति का खुलासा किया जाएगा। ऋतुराज झा के अनुसार, केजरीवाल के दौरे के दौरान 7 से 8 नेताओं के AAP में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने इन नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले एक साल से संगठन विस्तार के लिए काम कर रही है और संभावित नेताओं की पहचान करने के साथ जमीनी नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है। 5 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य AAP ने हिमाचल में सदस्यता अभियान तेज करने की योजना बनाई है। झा के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 20 हजार से अधिक नए सदस्य पार्टी से जुड़ चुके हैं और 50 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में सदस्यता अभियान चल रहा है। पार्टी ने कम से कम 5 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि अगले 3 से 4 महीने में बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर जोर रहेगा। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी टीम तैयार करना चाहती है, ताकि प्रदेश के प्रमुख मुद्दों पर अभियान चलाया जा सके। कांग्रेस और भाजपा को घेरने की तैयारी ऋतुराज झा ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों दलों ने चुनाव के दौरान किए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि बेहतर स्कूल, महिलाओं को 1,500 रुपये देने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और युवाओं को रोजगार जैसे मुद्दों पर जनता जवाब चाहती है। झा ने दावा किया कि पंजाब में AAP की सरकार ने अपने वादों पर काम किया है और पार्टी हिमाचल में भी इसी तरह की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि AAP अब प्रदेश सरकार से उसके वादों पर जवाब मांगेगी और आने वाले समय में जनहित के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरेगी। 2022 में चुनावी अभियान प्रभावित होने का दावा ऋतुराज झा ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के कारण हिमाचल में संगठन और चुनावी अभियान प्रभावित हुआ था। उनके मुताबिक, इस बार पार्टी पहले से तैयारी कर रही है और पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने की योजना है। उन्होंने कहा कि आगामी एक साल में पार्टी प्रदेश के विभिन्न जनमुद्दों पर सक्रिय रहेगी। संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और नए नेताओं को जोड़ना फिलहाल पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।

Spread the love