हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की वरिष्ठता और पदोन्नति (प्रमोशन) से जुड़े मामलों में अब दोबारा समीक्षा होगी। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्तें सरकारी कर्मचारी अधिनियम, 2024 को हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने और सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार की याचिका खारिज होने के बाद सभी विभागों को इस फैसले पर अमल करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव की ओर से शु्रवार देर शाम को जारी आदेश में प्रशासनिक विभागों को कर्मचारियों की अस्थायी वरिष्ठता सूची तैयार करने, उसे अंतिम रूप देने और रिव्यू DPC अथवा फ्रेश DPC आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2026 को देवेंद्र कुमार एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार मामले में भर्ती एवं सेवा शर्तें सरकारी कर्मचारी अधिनियम, 2024 को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। इस फैसले को प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को राज्य सरकार की SLP खारिज कर दी और फैसले पर अमल के लिए सरकार को चार महीने का समय दिया था। इसके बाद राज्य सरकार की रिव्यू पिटीशन भी 27 अक्टूबर को खारिज हो गई। विभागों को ये प्रक्रिया अपनाने के निर्देश मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संबंधित विभागों को सबसे पहले यह देखना होगा कि हाईकोर्ट का फैसला किन कर्मचारियों पर लागू होता है। इसके बाद प्रभावित कर्मचारियों की अस्थायी वरिष्ठता सूची तैयार करने, सीनियरिटी लिस्ट को अंतिम रूप देने, संशोधित वरिष्ठता के आधार पर रिव्यू DPC अथवा फ्रेश DPC आयोजित करने और DPC के फैसले के अनुसार पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले वित्तीय लाभों का निर्धारण करना। पहले हुए प्रमोशन की समीक्षा होगी आदेश में स्पष्ट किया गया कि यदि किसी कर्मचारी को पहले ही प्रमोशन मिल चुका है, लेकिन अनुबंध सेवाकाल को वरिष्ठता में जोड़ने के बाद वह कैडर में नीचे आ जाता है, तो उसकी पहले हुई DPC की समीक्षा की जाएगी। वहीं, संशोधित वरिष्ठता के कारण किसी अन्य कर्मचारी की अगले पद पर पदोन्नति की पात्रता पहले की तारीख से बनती है, तो उसकी भी समीक्षा होगी। हालांकि, ऐसे मामलों में प्रमोशन अपने आप नहीं मिलेगा। संबंधित विभाग को नियमों के अनुसार रिव्यू DPC या फ्रेश DPC आयोजित करनी होगी। पहले से प्रमोट कर्मचारी का प्रमोशन वास्तविक रूप से पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी रहेगा। नए सिरे से प्रमोशन मिलने की स्थिति में भी लाभ संबंधित पद का कार्यभार संभालने की तारीख से मिलेगा। पिछली तारीख से वेतन लाभ भी नहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिव्यू DPC और फ्रेश DPC आयोजित करने के लिए किसी भी परिस्थिति में अतिरिक्त सुपरन्यूमरेरी पद सृजित नहीं किए जाएंगे। कर्मचारियों को वित्तीय लाभ सामान्य तौर पर नॉशनल आधार पर मिलेंगे। हालांकि, यदि किसी सक्षम न्यायालय ने स्पष्ट रूप से पात्रता की तारीख से वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया है, तो उस आदेश के अनुसार लाभ दिया जाएगा। सभी मामलों में अंतिम आदेश संबंधित प्रशासनिक विभाग के सचिव के स्तर पर मंजूर होंगे। इसके अलावा, जारी किए जाने वाले आदेश हाईकोर्ट के 25 अप्रैल 2026 के फैसले के संबंध में उपलब्ध कानूनी उपायों के अधीन रहेंगे। फैसले का लाभ किन्हें मिलेगा? हाईकोर्ट का फैसला मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के सेवा लाभों से जुड़ा है, जिनकी अनुबंध सेवाओं को नियमित सेवा के बाद वरिष्ठता, वार्षिक वेतन वृद्धि और पेंशन जैसे लाभों के निर्धारण में गिनने का सवाल उठा था। हालांकि, हर अनुबंध कर्मचारी को अपने आप वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा। यह नियुक्ति की प्रकृति, लागू भर्ती नियमों और न्यायालयों के पूर्व फैसलों पर निर्भर करेगा। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने पहले अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई नहीं लड़ी और बाद में दूसरों को मिले फैसले का लाभ मांग रहे हैं, यानी फेंस सिटर्स, उन्हें सामान्य तौर पर स्वत: इसका लाभ नहीं मिलेगा।