हाईकोर्ट ने हिमाचल के मुख्यमंत्री के नए कार्यालय के निर्माण को लेकर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। दरअसल, एलर्सली भवन के आसपास निर्माण कार्य जारी है। नए निर्माण में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी और अनिवार्य सेटबैक का पालन नहीं करने के आरोप है। इस भवन का सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते कल ही उद्घाटन किया था। इस भवन में सीएम ऑफिस के अलावा मुख्य सचिव, फाइनेंस सेक्रेटरी कार्यालय और मंत्रियों की गाड़ियों के लिए पार्किंग बनाई जा रही है। यह मामला कैप्टन अतुल शर्मा की ओर से उठाई गई शिकायत के आधार पर अदालत के सामने आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एलर्सली भवन के ठीक आसपास कंक्रीट का नया ढांचा बनाया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया कि निर्माण ऐतिहासिक भवन के काफी करीब है और इससे भवन का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। याचिका में RTI से मिली जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि निर्माण में जरूरी सेटबैक नियमों का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने न्यायमित्र नियुक्त किया मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता देवयानी शर्मा को न्यायमित्र नियुक्त किया है। न्यायमित्र अदालत को मामले के कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं को समझने में मदद करेंगे। याचिका में एलर्सली भवन के आसपास हुए निर्माण की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। साथ ही, यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है। सरकार को 3 सप्ताह में देना होगा जवाब कोर्ट ने राज्य सरकार को पूरे मामले पर विस्तृत जवाब/शपथ पत्र दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को होगी। हाईकोर्ट के सामने फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि एलर्सली भवन के आसपास हुए निर्माण के लिए जरूरी मंजूरियां और नियमों का पालन किया गया या नहीं। सरकार के जवाब और न्यायमित्र की रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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