कुल्लू जिला अस्पताल में प्रसूता मंजू शर्मा की मौत के मामले में बुधवार को लोगों ने फिर विरोध प्रदर्शन किया। ढालपुर मैदान में विशाल धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। वे डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने न्याय की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसपी कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात था, जिसने प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट पर रोक दिया। धरने को संबोधित करते हुए बंटी सराजी, सुमित कुमार और संजय चौहान ने सरकार पर निशाना साधा और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए जाने पर सवाल उठाए। मंजू शर्मा के पति और परिजनों ने भी मंच से अपनी पीड़ा साझा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्वास्थ्य निदेशक को भी पत्र भेजा: एसपी एसपी मदन कुमार से मुलाकात के दौरान बंटी सराजी ने आरोप लगाया कि साइबर सेल के माध्यम से उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी ने जवाब में बताया कि डॉक्टरों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है और स्वास्थ्य निदेशक को भी पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।
15 दिन के बाद भी एफआईआर नहीं इस दौरान संजय चौहान और अन्य प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि डॉक्टरों के खिलाफ 15 दिन बाद भी एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई, जबकि उनके खिलाफ कुछ ही मिनटों में मामला दर्ज कर लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि मामले की जांच जिला अस्पताल के डॉक्टरों से नहीं, बल्कि किसी स्वतंत्र एजेंसी या बाहरी मेडिकल विशेषज्ञों से करवाई जाए।