अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO Court) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दोषी 43 वर्षीय किशोरी लाल पुत्र मनु राम रामपुर की एक पंचायत का प्रधान था। उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष कुल 16 गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज किए गए। इसके अलावा, स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (SFSL) भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में भी वैज्ञानिक तौर पर अपराध की पुष्टि हुई। अदालत ने सभी गवाहों, वैज्ञानिक सबूतों और दलीलों को सही पाते हुए आरोपी किशोरी लाल को दोषी करार दिया और उसे 20 साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाकर जेल भेज दिया। रुद्राक्ष की माला और ‘मुसल्मानी विद्या’ का डर दिखाकर रची साजिश मामले के विवरण के अनुसार, पीड़ित बच्ची (आयु 13 वर्ष) आठवीं कक्षा में पढ़ती थी और अपनी नानी के साथ रहती थी। 21 सितंबर 2025 को जब वह स्कूल जा रही थी, तो तत्कालीन प्रधान किशोरी लाल ने उसे रास्ते में रोका। उसने छात्रा के गले में पहनी रुद्राक्ष की माला के बारे में पूछा और उसे छुआ। उसी शाम आरोपी ने पीड़िता की सहेली को रास्ते में रोककर एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने कहा कि सुबह जब उसने माला छुई तो उसे झटका लगा था। उसने दावा किया कि वह ‘मुसल्मानी विद्या’ जानता है और मंत्रों द्वारा बच्ची का इलाज करना पड़ेगा, अन्यथा उसके परिवार के सभी लोग मर जाएंगे। सहेली ने डर के मारे यह बात पीड़िता को बता दी। घर बुलाकर किया दुष्कर्म, नानी को आपबीती बताने पर दर्ज हुआ केस इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने तांत्रिक विद्या और अंधविश्वास का खौफ दिखाकर नाबालिग बच्ची को अपने घर बुलाया। वहां उसने बच्ची को पानी पिलाया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। जब सहमी हुई छात्रा वहां से भागने लगी, तो आरोपी ने उसे जबरन हाथ से पकड़कर वापस खींचा और उसके साथ दुष्कर्म (ब्लातकार) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद भी आरोपी लगातार बच्ची को डरा-धमकाकर फोन पर बात करने और प्यार करने का दबाव बनाता रहा। अंत में प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने अपनी नानी को सब सच बता दिया, जिसके बाद माता-पिता को सूचित कर पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया।

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