हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के चौपाल दौरे के दौरान अधिकारियों की गैर मौजूदगी को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रिंसिपल सेक्रेटरी PWD ने चीफ इंजीनियर समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। PWD के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से जारी मेमो में अधिकारियों से तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। मेमो के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को मंत्री विक्रमादित्य सिंह का चौपाल के मालकोट और नानहार क्षेत्र का दौरा निर्धारित था। इस दौरान विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाना था। साथ ही नानहार में आयोजित पारंपरिक बिशु मेले के समापन समारोह में भी मंत्री को शामिल होना था। मंत्री के दौरे का कार्यक्रम 17 जुलाई को ही सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं मिले। विभाग के अनुसार- इन अधिकारियों की मौजूदगी योजनाओं के उद्देश्यों की जानकारी देने और क्षेत्र के विकास कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक थी। इन अधिकारियों को मेमो जारी जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शिमला जोन के चीफ इंजीनियर का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी, एचपीपीडब्ल्यूडी चौथा सर्किल शिमला के अधीक्षण अभियंता दीपक राज चौहान और ठियोग मंडल के अधिशासी अभियंता का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सहायक अभियंता नितिन ठाकुर शामिल हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई तीनों अधिकारियों से पछा गया कि मंत्री के चौपाल दौरे के दौरान वे स्थल पर उपलब्ध क्यों नहीं थे? विभाग ने संकेत दिए कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। मंत्री ने जताई थी नाराजगी बता दें कि पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी रविवार को फोन करके अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने पहले से तय कार्यक्रम के बावजूद अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर नाराजगी जताई थी।

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