हिमाचल प्रदेश में समर टूरिस्ट सीजन शुरू होते ही कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति में सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। लेकिन इस खुशनुमा मौसम के बीच पर्यटकों की एक बेहद खतरनाक और जानलेवा लापरवाही भी सामने आ रही है। मंडी जिले के पंडोह क्षेत्र में कई पर्यटक अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती व्यास नदी के बीचों-बीच उतर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग नदी के बीच तक जाकर फोटो और रील्स (वीडियो) बना रहे हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की समझदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों के साथ तेज धारा के बीच चट्टानों पर पहुंच रहे सैलानी किरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी से पंडोह के बीच सफर के दौरान कई पर्यटक अपने वाहनों को सड़क किनारे पार्क कर नीचे व्यास नदी का रुख कर रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब लोग नदी की तेज धारा के बीचों-बीच स्थित नुकीली और फिसलन भरी चट्टानों तक पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे अकेले नहीं, बल्कि अपने मासूम बच्चों और पूरे परिवार को भी इस खतरे में शामिल कर रहे हैं। पंडोह डैम का खतरा: मिनटों में बढ़ सकता है जलस्तर प्रशासन के मुताबिक, ‘नौ मील’ फोरलेन परियोजना के पास कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा बनाया गया अस्थायी रास्ता इन पर्यटकों के लिए नदी तक उतरने का जरिया बन गया है। हालांकि, पूरे स्ट्रेच पर जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। जिन पर साफ शब्दों में लिखा है कि पंडोह डैम से किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इससे नदी का जलस्तर कुछ ही मिनटों में अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान जाने का सीधा खतरा है।” स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार पर्यटकों को टोकते हैं और खतरे से आगाह करते हैं, लेकिन दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों से आए ये सैलानी उनकी चेतावनियों को हंसकर टाल देते हैं। याद दिला रही है 2014 की वो खौफनाक याद पर्यटकों की यह लापरवाही साल 2014 की उस भीषण त्रासदी की याद दिलाती है, जब थलौट के पास व्यास नदी में अचानक पानी छोड़े जाने के कारण हैदराबाद के 24 इंजीनियरिंग छात्रों सहित एक टूर गाइड की लहरों में बह जाने से दर्दनाक मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी सबक न लेना किसी बड़ी मुसीबत को बुलावा देने जैसा है। एसपी मंडी के सख्त निर्देश: बंद होगा अस्थायी रास्ता इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मंडी के एसपी विनोद कुमार ने बताया कि ‘नौ मील’ क्षेत्र में फोरलेन निर्माण कंपनी द्वारा बनाया गया अस्थायी रास्ता केवल उनकी भारी मशीनरी और काम के लिए था। कंपनी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस मार्ग को तुरंत आम जनता और पर्यटकों के लिए पूरी तरह ब्लॉक (बंद) किया जाए। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात: बढ़ती भीड़ और हुड़दंग को रोकने के लिए नदी के किनारे और संवेदनशील पॉइंट्स पर एक्स्ट्रा पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही पुलिस कप्तान ने बाहर से आ रहे सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ों पर यातायात नियमों का पालन करें, नदियों से सुरक्षित दूरी बनाएं और एडवेंचर के चक्कर में अपनी व अपने परिवार की जिंदगी दांव पर न लगाएं।