धर्मशाला में निर्वासित तिब्बती संसद के 18वें सत्र के पहले दिन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के तहत 17वें काशाग (तिब्बती मंत्रिमंडल) के लिए 6 नए सदस्यों (कालोन) का चुनाव संपन्न हुआ। यह चुनावी प्रक्रिया निर्वासित तिब्बतियों के चार्टर के अनुच्छेद 22 के तहत लोकतांत्रिक और गोपनीय तरीके से पूरी की गई। चार्टर के अनुसार, सीधे चुने गए सिक्योंग (तिब्बती राष्ट्रप्रमुख) संसद के समक्ष अपने मंत्रिमंडल के लिए अधिकतम 7 उम्मीदवारों की सूची प्रस्तुत करते हैं। यदि संसद में इन नामों पर सर्वसम्मति बनती है, तो वे सीधे मंत्री चुने जाते हैं। सर्वसम्मति न बनने पर संसद सदस्यों के बीच गुप्त मतदान कराया जाता है। मंत्री बनने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 50 प्रतिशत सांसदों का वोट प्राप्त करना अनिवार्य होता है। यदि कोई उम्मीदवार यह आंकड़ा हासिल नहीं कर पाता, तो सिक्योंग को उम्मीदवारों की नई सूची पेश करनी पड़ती है। इस सत्र में सिक्योंग द्वारा प्रस्तुत सभी 6 उम्मीदवारों ने आवश्यक बहुमत प्राप्त कर मंत्रिमंडल में अपनी जगह सुनिश्चित की। नए मंत्रिमंडल में प्रशासनिक, मीडिया और सामाजिक क्षेत्रों के अनुभवी व्यक्तियों को शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल में कई नए चेहरे नए मंत्रियों में काशाग सचिव त्सेग्याल चुक्या द्रान्यी, गृह विभाग के सचिव पाल्डेन धोंडुप और वित्त विभाग के सचिव त्सेरिंग धोंडुप ग्यांगसेर शामिल हैं, जिनके पास प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। इनके अतिरिक्त, पूर्व तिब्बती सांसद और वॉयस ऑफ अमेरिका के धर्मशाला ब्यूरो प्रमुख उग्येन तेनजिन, वाशिंगटन डीसी में तिब्बत कार्यालय के संपर्क अधिकारी एवं पूर्व सीटीए सचिव कुंगा ताशी, तथा तिब्बती सांसद व ‘तिब्बत टाइम्स’ की प्रधान संपादक पेमा त्सो को भी इस नए मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया गया है।