स्मार्ट सिटी धर्मशाला में रात के समय अंधेरे में डूबे रहने वाले ‘डार्क स्पॉट्स’ अब रोशन होंगे। शहर की नाइट विजिबिलिटी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट स्ट्रीट लाइट परियोजना के दूसरे चरण को तीन करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिल गई है। इस चरण में पूरे शहर में 1200 नई स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने उन क्षेत्रों की पहचान की है जो लंबे समय से उपेक्षित थे। इनमें रिहायशी इलाकों की भीतरी सड़कें और शहर के बाहरी हिस्से शामिल हैं। इन स्थानों पर रोशनी पहुंचने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रात में असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। तकनीकी परीक्षण के बाद जनता को होगी समर्पित परियोजना के तहत, शहर के व्यस्त कचहरी अड्डा चौक पर नई हाईमास्ट लाइट लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इसका ढांचा तैयार हो चुका है और जल्द ही तकनीकी परीक्षण के बाद इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। कचहरी चौक के रोशन होने से डीसी ऑफिस और कचहरी परिसर के आसपास की सुरक्षा भी मजबूत होगी। पुरानी व्यवस्था को बदलना अभी चुनौती हालांकि, पुरानी व्यवस्था को बदलने की चुनौती अभी भी बनी हुई है। शहर में लगे लगभग 300 से 400 पुराने और खराब हो चुके बिजली के खंभों को हटाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। ये पुराने खंभे और उन पर झूलती तारें न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करती हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती हैं। पिछली बरसात में शहर की दर्जनों लाइटें तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई थीं। इनकी मरम्मत का काम भी स्मार्ट स्ट्रीट लाइट परियोजना के दूसरे चरण के साथ जोड़ा गया है।