शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए अंबाला से एक प्रमुख सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी करण को तकनीकी विश्लेषण और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के आधार पर पकड़ा गया है। उस पर सह-अभियुक्तों के साथ ₹10 लाख के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। यह कार्रवाई 22 अगस्त 2025 को दर्ज एक मामले की जांच के दौरान हुई। उस समय पुलिस ने प्रशांत नेगी (27), अविनाश ठाकुर (35) और देवन जोश (28) को रामपुर थाना क्षेत्र से 17.150 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में आगे की जांच जारी थी। जांच के दौरान, पुलिस ने बैकवर्ड लिंकिंग स्थापित करते हुए आरोपी करण (34) पुत्र संजीत को 13 अप्रैल 2026 को अंबाला (हरियाणा) से गिरफ्तार किया। करण पंचकूला के खड़क मंगोली का निवासी है और वर्तमान में जीरकपुर की इमर्जिंग हाइट्स सोसायटी में रह रहा था। ड्रग तस्करी नेटवर्क में धन करवाया उपलब्ध पुलिस जांच में सामने आया है कि करण का इस प्रकरण में सह-अभियुक्तों, विशेषकर एक मुख्य सह-अभियुक्त, के साथ सीधा संपर्क था। उसके और सह-अभियुक्त के बीच लगभग ₹10 लाख के वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। करण ड्रग तस्करी नेटवर्क में धन उपलब्ध कराने, लेन-देन और समन्वय की भूमिका में सक्रिय रूप से संलिप्त पाया गया है, जिसके चलते उसकी भूमिका NDPS अधिनियम की धारा 29 (षड्यंत्र/साझेदारी) के तहत स्थापित हुई है। उसके खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत पहले भी कई मामले दर्ज हैं। 16 अप्रैल तक रिमांड पर भेजा गिरफ्तारी के बाद, आरोपी करण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे 16 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत रिमांड पर भेजा गया है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राजदीप (28), कृष्ण कुमार (24), इवान (28), हिमांशु नेगी (25) और परविंदर नेगी (26) शामिल हैं, जिन्हें पहले किन्नौर और रामपुर से गिरफ्तार किया गया था।

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