बिलासपुर एम्स में एमबीबीएस बैच-2025 की पहली काउंसलिंग के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आया है। डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन में बिहार के लखीसराय की अंकिता भारती का फेक डॉक्यूमेंट देने का मामला सामने आया है। एम्स प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। शुक्रवार को मामले की जानकारी दी गई। काउंसलिंग समिति को जब अंकिता के डॉक्यूमेंट में गड़बड़ी मिली, तो उन्होंने जांच शुरू की। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की चयन सूची में उसका नाम नहीं था। NEET-UG रैंक की पुष्टि के लिए जब लॉगिन आईडी और पासवर्ड मांगा गया, तो उसने पासवर्ड काम न करने का बहाना बनाया। रैंक में गड़बड़ी मिली
अंकिता ने जो स्कोर कार्ड दिखाया, वह धुंधला और अपठनीय था। उसके मोबाइल स्क्रीनशॉट में 84 पर्सेंटाइल और 590 अंक दिखाए गए थे। आधिकारिक वेबसाइट से जांच करने पर उसके वास्तविक स्कोर कार्ड में केवल 30 अंक और लगभग 20 लाख की ऑल इंडिया रैंक पाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिक पूछताछ में अंकिता ने फर्जी रैंक कार्ड और प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर बनाने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की संलिप्तता और नेटवर्क की जांच कर रही है।

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