हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के कुटलैहड़ के भारतीय सेना में हवलदार अरुण कुमार (39) शहीद हो गए। अरुणाचल प्रदेश के डिब्रूगढ़ में ड्यूटी के दौरान व्यायाम करते वक्त हर्ट-अटैक से मंगलवार सुबह उनका निधन हुआ। हार्ट अटैक के बाद साथियों ने उन्हें तुरंत कमांड अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। शहीद का आज पैतृक गांव चताड़ा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। अरुण कुमार अपने पीछे 13 व 10 साल की दो बेटियां, 8 साल का एक बेटा, पत्नी, छोटा भाई और माता-पिता को छोड़ गए हैं। परिजनों का घर पर रो रो कर बुरा हाल है। शहीद के तीनों बच्चे बार बार अपने पिता के बारे में पूछ रहे हैं। अरुण कुमार की पार्थिव देह बीती शाम को ही चंडीगढ़ पहुंच गई है। कुछ देर बाद पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए घर लाया जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। अरुण कुमार साल 2005 में 7-जेक राइफल में भर्ती हुए। 20 साल की सर्विस के बाद वह बलिदानी हुए हैं। तीसरी कक्षा में पढ़ता है बेटा अर्जुन अरुण की बड़ी बेटी रिया नौवीं कक्षा में पढ़ती है, दूसरी बेटी जिया छठीं कक्षा और सबसे छोटा बेटा अर्जुन तीसरी कक्षा में पढ़ता है। छोटे भाई का नाम मोहित, पत्नी का सुशीला कुमार, पिता का श्याम कुमार और माता का नाम नीलम कुमारी है। 4 महीने पहले ही ड्यूटी लौटे थे भाई: मोहित मोहित ने बताया कि उनके भाई 4 महीने पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी गए थे। उनके चचेरे भाई की दो महीने बाद शादी होनी थी। भाई ने इस के लिए आना था। मगर घर लौटने से पहले ही भाई बलिदानी हो गए। उन्होंने बताया कि भाई को रोजाना घर पर बात होती थी। बीते सोमवार को भी बात हुई। भाई का मंगलवार सुबह रोज की तरह मैसेज नहीं आया:मोहित मोहित ने बताया कि उनके भाई का हर रोज सुबह चार-पांच बजे मैसेज आता था, लेकिन मंगलवार को पहली बार ऐसा हुआ, जब उन्हें भाई का मैसेज नहीं आया और कुछ देर में कर्नल का फोन आया, जिन्होंने भाई को हर्ट अटैक की बात कही। CM और डिप्टी सीएम ने अरुण के निधन पर शोक जताया मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अरुणाचल प्रदेश में शहीद अरुण कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, हवलदार अरुण कुमार ने समर्पण और निष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा की। देशवासी उनकी कर्तव्यनिष्ठा को सदैव याद रखेंगे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगा।