हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिला में बीती शाम को बादल फटने से नदी नालों में भयंकर बाढ़ आ गई। किन्नौर के पूह नाले में बादल फटने के बाद सतलुज नदी का जल स्तर बढ़ गया। इसके बाद रामपुर तक नदी के आसपास के कई घरों को खाली कराया गया। शिमला जिला के रामपुर के नांटी में बादल फटने के बाद आधा गानवी बाजार जलमग्न हो गया। कुल्लू की कुर्पण, नोगली और​​​​​​​तीर्थन खड्ड के रौद्र रूप ने भी रातभर लोगों को डराकर रखा। कुल्लू का बागीपुल बाजार भी रात में खाली कराया गया। कुल्लू की तीर्थन घाटी में बादल फटने के बाद 3 गाड़ियां और 3 टैम्परेरी शेड बह गए। यहां एक पुल भी टूट गया। वहीं मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिला में आज 8 बजे तक एक दो स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और मंडी जिला में आज दिनभर के लिए ऑरेंज अलर्ट दे रखा है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा। मगर प्रदेश के कई भागों में हल्की बारिश जारी रहेगी। 2031 करोड़ का नुकसान, 241 की मौत प्रदेश में इस मानसून सीजन में भारी बारिश से 2031 करोड़ रुपए की प्राइवेट व सरकारी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। इस दौरान 241 लोगों की जान चली गई है। इनमें 33 लोगों की मौत लैंडस्लाइड, बाढ़ और बादल फटने से हुई है, जबकि 36 लोग लापता है। 523 घर जमींदोज प्रदेश में 523 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके है, जबकि 1682 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इसी तरह 312 दुकानें और 2041 गौशालाएं भी इस मानसून में नष्ट हो चुकी है।

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