हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लारजी जलविद्युत परियोजना से 50 क्यूमैक्स पानी छोड़े जाने की योजना बनाई गई है। यह कदम ऊंचे इलाकों में बर्फ पिघलने से व्यास नदी और उसकी सहायक नदियों में बढ़ते जल स्तर के कारण उठाया गया है। बांध प्रबंधन ने आम जनता और पर्यटकों को नदी किनारों से दूर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से निचले इलाकों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के पास रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। पानी के निकट मछली पकड़ने, स्नान करने या पिकनिक मनाने जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है। यह सुरक्षा उपाय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इन सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। 126 मेगावाट की लारजी परियोजना से पानी छोड़े जाने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह सावधानी आवश्यक है।