हिमाचल प्रदेश के संयुक्त किसान मंच ने तुर्की से सेब के आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है। मंच के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात की और उनके माध्यम से केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जिसके माध्यम से केंद्र सरकार से तुर्की पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया है। ऐसे में भारत के दुश्मन का साथ देने वाला देश भी भारत का दुश्मन है। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और उसके साथ होने वाले व्यापार पर प्रतिबंध लगाना चाहिए । चौहान ने कहा कि तुर्की भारत में सेब के आयात से हर साल 800 से 1000 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ अर्जित करता है। केंद्र सरकार को इस पर तुरंत पूरी तरह प्रतिबंध लगाना चाहिए। हिमाचल- उत्तराखंड के सेब उत्पादकों को होगा फायदा : चौहान चौहान ने कहा कि तुर्की पर प्रतिबंध से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब उत्पादकों को फायदा होगा। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे किसानों की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक पहुंचाएंगे। बता दें कि किसान मंच ने इससे पहले भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग रखी थी। मंच का कहना है कि भारत के दुश्मन का साथ देने वाले देश के साथ व्यापार पर रोक लगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी की पीएम के सामने मामला उठाने की बात वही आपको बता दे कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी बीते कल पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा है कि 24 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले हैं इस दौरान वह तुर्की के सेब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का मामला उनके सामने उठाएंगे। यही नहीं उन्होंने पीएम मोदी को इस विषय में पत्र लिखने की भी बात कही है।