मुंबई की सत्र अदालत ने कहा कि अश्लीलता का मूल्यांकन सामान्य व्यक्ति के नजरिए से किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी विवाहित महिला रात के समय अनजान व्यक्ति से ऐसे मैसेज स्वीकार नहीं करेगी।


मुंबई की सत्र अदालत ने कहा कि अश्लीलता का मूल्यांकन सामान्य व्यक्ति के नजरिए से किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी विवाहित महिला रात के समय अनजान व्यक्ति से ऐसे मैसेज स्वीकार नहीं करेगी। 

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