किन्नौर में सीमा सड़क संगठन (BRO) के तहत काम करने वाले लगभग 3,199 दैनिक मजदूरों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कड़ाके की सर्दी में भी इन मजदूरों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। इंटक के राज्य उपाध्यक्ष बिहारी लाल सहयोगी ने रिकांगपिओ में पत्रकारों को बताया कि सीमांत क्षेत्रों में काम कर रहे BRO के मजदूरों को माइनस 23 डिग्री तापमान में भी टीन के अस्थायी शेड में रहना पड़ रहा है। सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े और जैकेट भी नहीं दिए गए हैं। हाल ही में शिमला में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में BRO अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसके बावजूद केवल 500 जैकेट ही वितरित की गईं, जबकि 3,000 से अधिक मजदूर अभी भी जैकेट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मजदूरों को पक्के कमरे, शौचालय और मिट्टी के तेल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने BRO को 16 जनवरी तक सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया है। इंटक के नेताओं का कहना है कि अगर BRO न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करता है, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। इस मौके पर जिला इंटक अध्यक्ष मान चंद नेगी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।

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