इसी दिसंबर के महीने में 12 साल पहले दिल्ली में एक युवती से बलात्कार और हैवानियत की सारी हदें पार की गई थीं। उन दरिंदों को तो फांसी दी गई, कानून में बदलाव किया गया लेकिन क्या आज महिलाएं सुरक्षित हैं?
इसी दिसंबर के महीने में 12 साल पहले दिल्ली में एक युवती से बलात्कार और हैवानियत की सारी हदें पार की गई थीं। उन दरिंदों को तो फांसी दी गई, कानून में बदलाव किया गया लेकिन क्या आज महिलाएं सुरक्षित हैं?