शिमला जिले के रामपुर स्थित दत्तनगर स्थित मिल्क प्लांट ने सोमवार से दुग्ध सहकारी समितियों से दूध संग्रहण अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह कदम पेट्रोल पंपों पर खुले डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध के कारण प्लांट में डीजल की गंभीर कमी के चलते उठाया गया है। इससे दूध का अत्यधिक संचय हो गया है और भंडारण क्षमता पूरी तरह भर गई है। प्लांट प्रबंधन ने सभी दुग्ध सहकारी समितियों के सचिवों को सूचित किया है कि सोमवार को 4 यूनिटों से दूध नहीं लिया जाएगा। इसी तरह, सप्ताह भर अलग-अलग यूनिटों से दूध संग्रहण में क्रमवार निलंबन रहेगा। प्लांट प्रबंधन समय-समय पर सोसायटियों को इसकी जानकारी देता रहेगा। परिस्थितियां अनुकूल होने पर पुनः शुरू होने पर आगे का फैसला प्लांट प्रबंधन के अनुसार, मशीनरी के निरंतर संचालन के लिए आवश्यक रखरखाव कार्यों हेतु समय उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है, जो वर्तमान डीजल संकट के कारण बाधित हो रहा है। यह कदम प्लांट की कार्यक्षमता और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। दुग्ध संग्रहण कार्य डीजल आपूर्ति सामान्य होने और प्लांट संचालन की परिस्थितियां अनुकूल होने पर पुनः शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट की वास्तविक क्षमता 70 हजार लीटर दूध दत्तनगर मिल्क प्लांट पहले से ही दूध के ओवरलोड की स्थिति से जूझ रहा था। इसकी वास्तविक क्षमता 70 हजार लीटर दूध की है, जबकि यह प्रतिदिन 2 लाख लीटर दूध संसाधित कर रहा है, जो इसकी क्षमता से 1.3 लाख लीटर अधिक है। खुले डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। एक दिन छोड़कर दूध लिया जाएगा: प्रबंधक मिल्क प्लांट दत्तनगर के प्रबंधक ऋषि चंदेल ने बताया, “खुले डीजल न मिलने के कारण मिल्क प्लांट चलाने में दिक्कत पेश आ रही है। ऐसे में अब सप्ताह में अलग-अलग सोसायटियों से एक दिन छोड़कर दूध लिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक खुले डीजल की पर्याप्त आपूर्ति बहाल नहीं हो जाती।

Spread the love