चंबा जिले में 15 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज में MRI व CT स्कैन की मशीन लगाई गई। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर जाने से बीते 4 महीना से यह मशीनें बंद पड़ी है। जिससे स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चंबा के लोग टेस्ट करवाने को कांगड़ा के मेडिकल कॉलेज टांडा या फिर पंजाब के पठानकोट के निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर है। पूर्व भाजपा शासन काल में मेडिकल कॉलेज चंबा में इस स्वास्थ्य सुविधा की कमी को दूर किया गया था। लेकिन काम के अतिरिक्त बोझ से परेशान होकर मेडिकल कॉलेज चंबा में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात महिला डॉक्टर चार माह पूर्व लंबी छुट्टी पर चली गई है। पहले भी खराब हो चुकी CT स्कैन मशीन ऐसे में करोड़ों रुपए की लागत से स्थापित यह मशीन इन दोनों बंद पड़ी हैं। अस्पताल में आए लोगों ने कहा कि इससे पहले भी चंबा अस्पताल में CT स्कैन की मशीन को खराब घोषित कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज टांडा की बात करें तो चंबा से उसकी दूरी करीब 128 किलोमीटर, जबकि पंजाब के पठानकोट की दूरी 120 किलोमीटर है। ऐसे में आपात स्थिति के दौरान कई बार यह दूरी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ जाती है। जल्द चालू होंगी मशीनें- प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने कहा कि यह मामला सरकार के ध्यान में है। जल्द ही MRI और CT स्कैन की मशीन को चालू कर दिया जाएगा।