हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक युवक को सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति के विज्ञापन पोस्टर लगाना महंगा पड़ गया है। शिमला पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवक से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने किया केस दर्ज जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति पर सार्वजनिक स्थल पर विज्ञापन पोस्टर लगाने पर केस दर्ज किया है। सार्वजनिक स्थल पर विज्ञापन पोस्टर लगाने के लिए स्थानीय निकाय की अनुमति लेना जरूरी है और आप उसी स्थान पर पोस्टर लगा सकते हैं, जहां पर स्थानीय निकाय ने आपको विज्ञापन पोस्टर लगाने की अनुमति प्रदान की है। अगर आप बिना अनुमति के कहीं भी शहर में विज्ञापन पोस्टर लगाते हैं, तो फिर आपको ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। पोस्टर लगा दी थी काम की जानकारी शिमला के पुराना बस स्टैंड के समीप एक व्यक्ति ने पुलिस की गुमटी के समक्ष खंभे पर विज्ञापन पोस्टर लगाया था। इस पर पार्ट टाइम और फुल टाइम काम ऑनलाइन और ऑफलाइन देने की बात कही गई थी। गश्त के दौरान पुलिस की टीम ने जब उस विज्ञापन पोस्टर को खंभे पर लगा देखा, तो विज्ञापन पोस्टर के पर लिखे नंबर पर फोन किया। पूछताछ के दौरान पोस्टर लगाने ने अपना नाम नितिन पुत्र शिशुपाल निवासी गांव हिमरी तहसील कोटखाई जिला शिमला बताया। बातचीत के दौरान पुलिस ने पाया कि पोस्टर विज्ञापन पोस्टर लगाने के स्थानीय निकाय की अनुमति नहीं ली गई है। इसके बाद पुलिस ने एचपी ओपन प्लेसिस प्रिवेंशन आफ डिस्फिगरमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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