पिछले विधानसभा चुनाव से मंडी जिले के कांग्रेस नेता, सरकार और सियासत में एक तरह से हाशिए पर ही चल रहे हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि दस हलकों वाले मंडी जिले से कांग्रेस का एक ही विधायक है। मंडी के नेताओं के लिए सत्ता और सियासत का सूखा भी लंबा खिंचता नजर आया है। खैर, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यकीन दिलाया है कि मंडी का विकास अब रफ्तार पकड़ेगा और यहां के कांग्रेस नेताओं की सरकार में पूरी सुनवाई होगी। जिससे आज मंडी का सियासी मौसम करवट बदलता हुआ नजर आया है। पहाड़ों की रानी शिमला में मुख्यमंत्री ने रविवार सुबह मंडी जिला के कांग्रेस नेताओं से बैठक कर उनसे संबंधित हलकों में विकास की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी ली है। कौल सिंह ठाकुर को पूरा मान सम्मान देते हुए उन्हें सीएम ने साथ में बैठाया। सुबह ठीक 11 बजे ओक ओवर में मंडयालों के साथ सीएम सुक्खू का दरबार सजा, जो दोपहर डेढ बजे तक जारी रहा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जोर देकर कहा कि मंडी जिले का विकास उनकी प्राथमिकता में शामिल है, यहां के विकास में कोई कमी नहीं आने देंगे। अपने-अपने हलके में विकास की आपने जो अपनी प्राथमिकताएं बताई हैं, उस पर फोकस किया जाएगा। सीएम सुक्खू के बुलावे पर वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, धर्मपुर से विधायक चंद्रशेखर, पूर्व सीपीएस सोहनलाल ठाकुर, चेतराम ठाकुर, प्रकाश चौधरी, चंपा ठाकुर, महेश राज, लाल सिंह कौशल, पवन ठाकुर, एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया व अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक में जोगिंद्रनगर से पूर्व विधायक सुरेंद्र ठाकुर नजर नहीं आए। सीएम ने इन नेताओं से क्रमवार उनके हलकों में विकास को लेकर बात की और उनके सुझावों को गंभीरता से सुना।

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