हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में मंदिर से शिवलिंग तोड़ने का मामला सामने आया है। नगरोटा बगवां के गांधी ग्राउंड के समीप गुरुवार रात को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिवलिंग को तोड़ने की घटना का समाचार जैसे ही शहर और गांवों में फैला लोग बड़ी संख्या में गांधी ग्राउंड पहुंच गए। हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इस घटना को लेकर लोगो में भारी रोष व्याप्त है।
लोगों ने काफी देर तक प्रदर्शन किया व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों के लोगों ने इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों से दुकान-मकान खाली करवाने की जिद पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया। गांधी मैदान में इकट्ठे हुए हिंदू संगठन के लोगों ने बाजार का रुख अख्तियार किया और नगरोटा बगवां बाजार में एक विशेष समुदाय द्वारा किराए पर ली गई दुकानों को खाली करवाने की जिद्द पर अड़ गए। हिंदू संगठनों के लोगों को डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा और मौके पर तैनात एसडीएम मुनीश शर्मा की अपील को मानते हुए लोगों ने शांति पूर्वक नारेबाजी को जारी रखा। संगठन के लोगों ने किया हनुमान चालिसा का पाठ
हिंदू संगठनों के लोगों द्वारा दुकानों को खाली करने की जिद को लेकर पुलिस प्रशासन ने सूझ बूझ दिखाते हुए मामला शांत किया। नगरोटा बगवां में अधिकांश दुकानें बंद रहीं, बाद में दोपहर इक्का दुक्का दुकानें खुली देखी गई। गांधी मैदान में स्थल की सुरक्षा हेतु भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस के बावजूद सभी लोग गांधी मैदान के समीप इकट्ठे हो कर शांति पूर्वक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। नगरोटा बना पुलिस छावनी
जिला कांगड़ा पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने शिवलिंग तोड़ने की घटना का दौरा कर सारी स्थिति जानी। उन्होंने इस घटना पर कहा कि शीघ्र ही अज्ञात आरोपी को पुलिस ढूंढ लेगी। नगरोटा बगवां के विधायक एवं पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष आर एस बाली ने नगरोटा बगवां गांधी मैदान में आकर घटना का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से समाज को गहरा दुख होता है। उन्होंने पुलिस से इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों को जल्दी पकड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग से इस मंदिर को पुनः स्थापित किया जाएगा। नगरोटा बगवां में हिंदू संगठनों द्वारा किए गए शांति पूर्वक जलूस को देखते हुए एस पी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने पुलिस बल की 4 बटालियन की तैनाती कर रखी थी।