हिमाचल की राजधानी शिमला अंतर्गत रामपुर में 2 अपराधियों को चरस तस्करी के मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। किन्नौर स्थित रामपुर में जिला एवं सत्र न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट में आरोपी श्याम सिंह और बालकृष्ण को 10 साल कठोर कारावास व 1 लाख रुपए की सजा सुनाई। 2 साल पुराना है मामला उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 17 जनू 2022 को पुलिस पार्टी मुoआo (म्यूनिसिपल अथॉरिटी) अनुपम की अगुवाई में प्राइवेट गाड़ी में मादक पदार्थ की रोकथाम के लिए रवाना थी। जब गाड़ी पटारना पुल के पास पहुंची तो वहां खड़े दो व्यक्तियों में से एक व्यक्ति ने गाड़ी में लिफ्ट के लिए गाड़ी को रोकने के लिए हाथ का इशारा किया। जिस पर ड्राइवर ने गाड़ी रोकी। जैसे ही वह आदमी गाड़ी के नजदीक आया, पुलिस को देखकर पुलिस- पुलिस चिल्लाने लगा और पीछे की ओर भाग गया। ड्राइवर ने गाड़ी मोड़ी और उनका पीछा किया। उनमें से एक व्यक्ति ने अपनी पीठ पर बैग टाँगा हुआ था। पुलिस ने थोड़ी दूरी पर उनको काबू किया। उनके इस तरह भागने से पुलिस को बैग में किसी अवैध वस्तु का शक हुआ। उनके नाम पता पूछे गए। प्रधान व वार्ड मेंबर ग्राम पंचायत को मौके पर बुलाया गया। उनके सामने बैग की तलाशी ली गई, जिसमें से 3 किलो 22 ग्राम चरस बरामद हुई। इस संबंध में थाना आनी में केस दर्ज किया गया। अदालत में कुल 13 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। आरोपी की ओर से भी एक गवाह करवाया गया। अदालत ने साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को 10 साल सशक्त कारावास व 1 लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमें की पैरवी जिला न्यायवादी एलएम शर्मा व कमल चंदेल ने की।

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