हिमाचल के सबसे बड़े हॉस्पिटल IGMC में डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। यहां पर रोजाना OPD में 3000 से ज्यादा मरीज इलाज को पहुंचते हैं। मगर आज डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से किसी को भी उपचार नहीं मिल पाया। IGMC में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंचे, जिन्हें डॉक्टरों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। इसके दूर दराज के चंबा, सिरमौर, रामपुर इत्यादि क्षेत्रों से उपचार को पहुंचे मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। डॉक्टरों की हड़ताल की नहीं थी जानकारी: मूरत रामपुर से IGMC पहुंचे मूरत सिंह ने कहा कि पेट दर्द व चलने में दिक्कत के चलते वह इलाज को आए थे। लेकिन उन्हें यहां आकर पता चला की डॉक्टर हड़ताल पर है। उन्होंने कहा कि दर्द ज्यादा होने की वजह से वह घर भी नहीं जा सकते। ऐसे में वह अस्पताल में ही बिस्तर लगाएंगे और डॉक्टरों का इंतजार करेंगे। मूरत सिंह अपने बेटा-बहू के साथ उपचार को पहुंचे थे। सिरमौर से मां के इलाज को आए, पर डॉक्टर नहीं बैठे: शुभमन सिरमौर के राजगढ़ के बखोग निवासी शुभमन ने कहा, वह अपनी मां को इलाज के लिए IGMC लाए थे। मां की टांगों फ्रैक्चर ​​है और चलने -फिरने में दिक्कत है। शिमला में किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। डॉक्टरों के अचानक हड़ताल पर जाने से बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर दाखिल नहीं हुए तो झेलनी पड़ेगी परेशानी: चमन लाल चंबा से आए चमन लाल ने कहा कि पिता काफी समय से बीमार है। उनका IGMC से उपचार चल रहा था। आज डॉक्टर ने उनके पिता को ऑपरेशन के लिए दाखिल करना था, उन्हें मालूम नहीं था कि डॉक्टर हड़ताल पर है। यदि आज पिता एडमिट नहीं हुए तो उन्हें परेशानी झेलनी पड़ेगी। ठीक ऐसी ही परेशानियां आईजीएमसी पहुंच रहे अनेकों मरीजों को झेलनी पड़ी। शिमला के ही कमला नेहरू अस्पताल में भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। इससे गर्भवती महिलाओं और गायनी रोग से जुड़ी महिलाओं को यहां भी परेशानियां झेलनी पड़ी। आपको बता दें कि देशभर के डॉक्टर कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर मामले में भड़के हुए है। इसके विरोध में देशभर में डॉक्टर हड़ताल पर है।

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