शिमला परवाणु फोरलेन के दूसरे चरण कैथलीघाट – ढली का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी दिन- रात कार्य मे जुटी हुई है। लेकिन बीते 12 अगस्त को देर शाम करीब पांच बजे फोरलेन पर शिमला के चलोंठी में बन रही निर्माणाधीन टनल गिर गयी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी की कार्य प्रणाली सवालों के घेरे में आ गयी। कंपनी नियमों को ताक में रखकर फोरलेन का काम कर रही है। टनल के गिरने का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। डीसी अनुपम कश्यप ने कंपनी के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए है। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को मजिस्ट्रेट जांच का जिम्मा उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि 13 अगस्त को निर्माणाधीन टनल के मुहाने पर अचानक भूस्खलन हुआ है। इस घटना के बारे में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर मजिस्ट्रेट जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में किन कारणों से यह घटना हुई, क्या इसमें कोई मानवीय चूक या किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही है। घटना से जुड़े हर पहलू को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। दो सप्ताह में रिपोर्ट जमा करवाएंगे जांच अधिकारी उपायुक्त ने कहा कि अधिकृत अधिकारी को दो हफ्ते के भीतर जांच रिपोर्ट जमा करवानी होगी । उन्होंने कहा मजदूरों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही निर्माण कार्य में सभी मानकों की अनुपालन और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच के आदेश दिए गए है। कंपनी ने नकारा था लैंडस्लाइड, फाल्स पोर्टल को खुद गिराने का किया था दावा कंपनी ने टनल गिरने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद टनल गिरने की बात को खारिज किया था। कंपनी प्रंबधक रविंद्र चंदेल ने दावा किया था कि टनल का कार्य शुरू ही नहीं हुआ था । उन्होंने कहा कि जहां टनल बन रही है उसके ऊपर मलबा फेंका गया था। ऐसे में कंपनी ने टनल निर्माण के लिए मलबे को रोकने के लिए फाल्स पोर्टल का निर्माण किया था लेकिन ऊपर से मलबे के आने से उस पर वजन बढ़ गया था। जिसके कारण उसमें दरारें आ गयी थी। खतरे को देखते हुए कंपनी ने फाल्स पोर्टल को कंपनी ने खुद तुड़वाया था। काम बंद करवा दिया गया था । उन्होंने कहा कि कंपनी सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से ध्यान रख रही है। मजदूरों की सुरक्षा कंपनी के लिए प्राथमिकता पर है । अलग-अलग शिफ्टों में 60 से 80 लोग करते हैं काम कंपनी में काम कर रहे मजदूरों ने कहा कि घटना 12 अगस्त शाम 5 बजे के आस पास की है। घटना के वक्त मजदूर मौके पर काम कर रहे थे। फाल्स पोर्टल में पहले ही दरारें आ गयी थी। इसलिए सभी को गिरने का आभास था कि यह कभी भी गिर सकता है। उन्होंने कहा कि घटना वक्त कितने मजदूर काम कर रहे थे इसका सही आंकड़ा तो बता पाना मुश्किल है। लेकिन अलग अलग शिफ्ट में 60 से 80 मजदूर काम करते है। जो सभी सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि टनल में फाल्स पोर्टल के अवाला टनल का काम अभी अपने शुरुआती चरण में था। 15 -20 मीटर तक खुदाई हुई थी । सोशल मीडिया में वायरल घटना का वीडियो मजदूरों ने बताया कि 12 अगस्त को शाम को पांच बजे का समय रहा होगा जब निर्माणाधीन टनल गिरी थी ।जिसके बाद काम रोक दिया गया था ।बता दें कि वीडियो 13 अगस्त को सोशल मीडिया में खुब वायरल हुआ था जिसके बाद एक बार फिर कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे परन्तु अब उपायुक्त शिमला ने घटना के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए थे ।