पुतिन जैसे नेता आमतौर पर ऐसी बातें सुनने के आदी नहीं होते, ना ही ऐसे नेताओं की फितरत किसी दूसरे की खुलकर तारीफ करने की होती है। लेकिन हमने ये मॉस्को में होते हुए देखा।
पुतिन जैसे नेता आमतौर पर ऐसी बातें सुनने के आदी नहीं होते, ना ही ऐसे नेताओं की फितरत किसी दूसरे की खुलकर तारीफ करने की होती है। लेकिन हमने ये मॉस्को में होते हुए देखा।