हिमाचल प्रदेश के टैक्सी चालक का अपहरण करने वाले पंजाब के दोनों आरोपी पुलिस ने हिरासत में ले लिए है। पंजाब के दोनों आरोपी को देर रात तक बिलासपुर लाया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि पंजाब के लुधियाना निवासी दोनों आरोपी पंजाब से फरार हो गए थे। उत्तर प्रदेश पहुंच गए थे। पुलिस दोनों को डिटेन कर चुकी है। इनसे पूछताछ के बाद लापता चालक हरिकृष्ण रनोट का भी पता चल पाएगा। वहीं सोशल मीडिया पर चालक की बॉडी मिलने के झूठी खबरे चल रही है।बिलासपुर पुलिस ने सोशल मीडिया की इन खबरों का खंडन किया है। अभी तक लापता हरि कृष्ण का सुराग नहीं लग पाया है। लापता हरिकृष्ण के बेटे ने कराई थी एफआईआर बता दें कि हरि कृष्ण के बेटे देसराज रनोट ने शिमला के सदर थाना में तीन दिन पहले जीरो FIR कराई थी। इसके बाद यह एफआईआर बिलासपुर के बरमाणा के लिए ट्रांसफर की गई, क्योंकि उनके पिता बरमाणा क्षेत्र से लापता हुए हैं। देसराज ने पंजाब-लुधियाना के दो पर्यटक गुरमीत सिंह और जसपाल करण सिंह पर पिता के कथित अपहरण का शक जताया था। बेटे की 25 जून को पिता से आखिरी बार बात हुई पुलिस को दी शिकायत में देसराज रनोट ने बताया कि 24 जून को उनके पिता लुधियाना निवासी गुरमीत सिंह और जसपाल करण सिंह को अपनी टैक्सी में शिमला से मनाली ले गए थे। 25 जून को वह दोनों पर्यटकों के साथ अपनी ऑल्टो कार नंबर एचपी-01-ए 5150 में मनाली से लौट रहे थे। 25 जून को बेटे की आखिरी बार हरि कृष्ण से बात हुई 25 जून रात 8 बजकर 20 मिनट पर बेटे देसराज की अपने पिता से मोबाइल पर बात हुई तो पिता ने बताया कि वह बरमाणा पहुंच रहे हैं। देर रात वह शिमला लौटेंगे। रात सवा 11 बजे के करीब बेटे ने जब दोबारा पिता को फोन किया तो उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। बरमाणा में 3 दिन से हरि कृष्ण की तलाश जारी जिस जगह फोन की आखिरी लोकेशन आई, वहां पर चार दिन से हरि कृष्ण के परिजन और पुलिस तलाश कर रही है। मगर अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि उनकी गाड़ी लुधियाना में ट्रेस कर दी गई है। पुलिस टीम लुधियाना पहुंची इस मामले में बिलासपुर पुलिस ने एसआईटी गठित कर रखी है। पुलिस के उच्च अधिकारी के अनुसार, दोनों आरोपी को डिटेन कर दिया गया है। देर रात तक उन्हें बिलासपुर लाया जाएगा। अभी लापता ड्राइवर का सुराग नहीं लग पाया।