टीचर मां से दूर रहने की पीड़ा एक छोटी बच्ची की आंखों से आंसू बनकर छलक पड़ी। चंबा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने जब पांचवीं क्लास में पढ़ने वाली वंशिका ठाकुर ने अपनी बात रखी तो वह खुद को संभाल नहीं पाई और फूट-फूटकर रोने लगी। वंशिका की बस इतनी सी गुहार थी कि उसकी मां का तबादला घर के पास के किसी स्कूल में कर दिया जाए, ताकि उसे मां से दूर न रहना पड़े। मुख्यमंत्री ने भी बच्ची को उसकी परेशानी दूर करने का भरोसा दिया और छह से सात घंटे के भीतर गुरुवार देर शाम तक वंशिका की मां के तबादला आदेश जारी किए गए। इससे पहले वंशिका का सीएम के पास रोते हुए वीडियो खूब वायरल हुआ। दरअसल, चंबा जिले की रहने वाली वंशिका ठाकुर की मां नारो देवी सरकारी स्कूल में जेबीटी टीचर हैं। वह पिछले करीब तीन वर्षों से शिमला जिले के नेरवा में सेवाएं दे रही थीं। घर से करीब 700 किलोमीटर दूर तैनाती होने के कारण मां और बेटी को लंबे समय तक एक-दूसरे से दूर रहना पड़ रहा था। परिवार के लिए यह दूरी केवल सफर की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में मां की मौजूदगी की कमी भी थी। मुख्यमंत्री के सामने छलक पड़े आंसू मुख्यमंत्री सुक्खू जब चुराह दौरे पर पहुंचे तो वंशिका भी उनसे मिलने पहुंची। इस दौरान उसने अपनी मां के तबादले की गुहार लगाई। मां से दूर रहने की परेशानी बताते-बताते बच्ची भावुक हो गई और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि उसकी मां नेरवा में नौकरी करती हैं, जबकि परिवार चंबा में रहता है। इतनी दूर होने के कारण मां के साथ रहना मुश्किल हो गया है। मां के बिना उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीएम ने बच्ची को दिया भरोसा, शाम तक आदेश जारी वंशिका की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उसे मां का तबादला घर के नजदीक करवाने का भरोसा दिया। शाम तक शिक्षा विभागने कार्रवाई करते हुए नारो देवी के ट्रांसफर आदेश जारी किए। नारो देवी को नेरवा से चांद्रू स्कूल भेजा आदेशों के मुताबिक, नारो देवी का तबादला शिमला जिले के जीपीएस सोबल, नेरवा से चंबा जिले के जीपीएस चांद्रू, शिक्षा खंड तीसा में किया गया है। यह तबादला पांच प्रतिशत स्थानांतरण नीति के तहत किया गया है। अब मां के साथ रह सकेगी वंशिका करीब 700 किलोमीटर की दूरी पर तैनात मां अब घर के नजदीक स्कूल में सेवाएं देंगी। इससे वंशिका को मां से दूर रहने की परेशानी से राहत मिलेगी। जिस बच्ची ने मुख्यमंत्री के सामने रोते हुए अपनी बात रखी थी, उसे कुछ ही घंटों में अपने सवाल का जवाब मिल गया। वंशिका के लिए यह सिर्फ मां का तबादला नहीं, बल्कि मां के साथ ज्यादा समय बिताने, अपनी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी में उनका साथ पाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री से किया गया वादा पूरा होने के बाद परिवार ने भी राहत की सांस ली है।

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