कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र की भाटी बोहन पंचायत में 26 वर्षीय विवाहिता निकिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अंतिम संस्कार के दौरान हंगामा हो गया। मायका और ससुराल पक्ष के बीच कहासुनी के बाद पत्थरबाजी और लाठियां चलने लगीं। हालात बिगड़ने पर पुलिस जवानों को बचाव के लिए इधर-उधर हटना पड़ा। घटना में कई लोगों के चोटिल होने की सूचना है। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभाली। मायका पक्ष ने ससुरालियों पर लगाए आरोप निकिता खोला पंचायत के प्रधान कपिल देव की पत्नी थीं। उनकी 2 छोटी बेटियां हैं। मायका पक्ष ने निकिता की मौत को सामान्य मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार से पहले उन्हें बेटी का चेहरा तक नहीं दिखाया गया। उन्होंने वैवाहिक जीवन में प्रताड़ना और करीब 15 दिन पहले गर्भपात करवाने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और विधायक के खिलाफ नारेबाजी मायका पक्ष ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ सख्ती की गई और लाठियां चलाई गईं। अंतिम संस्कार के दौरान स्थानीय विधायक संजय रतन के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। परिजनों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए निकिता की बीमारी को लेकर अलग तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने शादी में दिए गए गहने और अन्य सामान लौटाने की मांग भी की। पति बोला- बीमारी की जानकारी दोनों परिवारों को थी निकिता के पति कपिल देव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि वह पत्नी से बहुत प्यार करते थे और बीमारी के कारण उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ते थे। दोनों परिवारों को निकिता की बीमारी की जानकारी थी। पुलिस के अनुसार, मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।