पठानकोट जिले से सटे हिमाचल के डमटाल में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार और ‘चिट्टा’ तस्कर के खिलाफ कार्रवाई की है। हिमाचल प्रदेश की नूरपुर पुलिस ने PIT-NDPS Act के तहत संपूर्ण हिमाचल प्रदेश में पहली बार किसी नशा तस्कर की जब्त संपत्ति का वास्तविक और खाली कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त कर मकान को सील कर दिया है। बता दें, 30 जुलाई 2023 को डमटाल थाना पुलिस ने डमटाल के ही भदरोआ क्षेत्र में आरोपी को 10.1 ग्राम चिट्टा और ₹8,500 की ड्रग मनी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। बुधवार को एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर और थाना प्रभारी डमटाल विशाल राठौर की मौजूदगी में यह बड़ी कार्रवाई आरोपी शमशेर सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह निवासी वार्ड नंबर 9, डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा के खिलाफ अमल में लाई गई है। आरोपी द्वारा नशीले पदार्थों के काले कारोबार से अर्जित कुल ₹48 लाख 30 हजार 997 की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शमशेर सिंह के खिलाफ पहले से ही चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जब्त की गई ₹48.30 लाख की संपत्ति सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक नई दिल्ली द्वारा पारित आदेशों के तहत आरोपी की निम्नलिखित संपत्तियों को एनडीपीएस की धारा 68-I(1) एवं 68-I(3) के अंतर्गत सभी प्रकार के भारों से मुक्त करते हुए जब्त किया गया है। दो मंजिला मकान: गांव छन्नी (तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा) स्थित आरोपी का मकान, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फ्सर्ट फ्लोर शामिल हैं। इस भवन का निर्धारित सरकारी मूल्य ₹45 लाख 90 हजार 557 है। नकद धनराशि: नशे के अवैध कारोबार से अर्जित आरोपी की कुल ₹2 लाख 40 हजार 440 की नकदी भी जब्त की गई है। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से सील किया गया भवन सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (नई दिल्ली) द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को NDPS Act की धारा 68-U के तहत आदेश जारी किए गए थे, जिसके तहत थाना प्रभारी डमटाल को उक्त संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने हेतु अधिकृत किया गया था। आदेशों की तामील के बाद 4 नवंबर को डीएसपी विशाल राठौर के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गांव छन्नी स्थित भवन का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद मकान का मिलान कागजों से किया। इसके बाद बिना किसी बल प्रयोग या विरोध के, लिखित ‘कब्जा सुपुर्दगी पत्र’ के माध्यम से मकान का खाली कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त किया गया। पुलिस ने मकान के मुख्य द्वारों व अन्य दरवाजों पर ताले लगाकर उन्हें थाना मोहर से विधिवत सील कर दिया। मुख्य द्वार पर एक आधिकारिक सूचना बोर्ड भी लगा दिया गया है, जिस पर लिखा गया है कि यह संपत्ति भारत सरकार के अधीन जब्तशुदा है और इसमें किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश सख्त वर्जित एवं कानूनन अपराध है। नशा तस्करों का आर्थिक नेटवर्क ध्वस्त करने की प्रतिबद्धता डीएसपी विशाल राठौर का कहना है कि एंटी-चिट्टा अभियान केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी या तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों को जब्त कर तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना मुख्य लक्ष्य है। PIT-NDPS Act के तहत खाली कब्जा लेकर संपत्ति सील करने का यह हिमाचल प्रदेश का पहला मामला है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे के काले कारोबार से अर्जित की गई कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी और आने वाले दिनों में अन्य बड़े तस्करों पर भी इसी प्रकार की सख्त वित्तीय व कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति सुरक्षित नहीं- एसपी पुलिस अधीक्षक नूरपुर इल्मा अफरोज ने बताया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जब्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी और पुलिस नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।