हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के 16 विधायकों के आगामी चुनाव में हारने का दावा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के 16 विधायक अभी ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि वे दोबारा चुनाव जीत सकें। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को पिछली बार से भी कम सीटें मिलेंगी। सीएम ने कहा कि उनके इस दावे को विश्वास के साथ लिया जाए। चुनाव परिणाम आने के बाद वह इस बारे में दोबारा सवाल करेंगे।सीएम ने भाजपा की ओर से कांग्रेस सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की अंदरूनी स्थिति ऐसी है कि उसे अपने पांच गुटों को एकजुट करने की जरूरत पड़ रही है। इसी कारण असम के मुख्यमंत्री को भी हिमाचल में लाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनाव में अपनी स्थिति का अंदाजा हो गया है। असम के मुख्यमंत्री को कांग्रेस के शपथ ग्रहण का निमंत्रण देने की बात कही मुख्यमंत्री ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की ओर से कांग्रेस नेताओं पर किए गए व्यक्तिगत हमलों और हिमाचल सरकार की गारंटियों को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना विपक्ष का काम है। रैलियों और यात्राओं के माध्यम से जनता के मुद्दों को उठाया जाता है। सीएम ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने अगले शपथ ग्रहण समारोह में आने की बात कही है। कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण भेजा जाता है। ऐसे में असम के मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया जाएगा। एसआईआर के विरोध को बताया लोकतंत्र की विशेषता मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एसआईआर के माध्यम से हो रही कथित धांधली को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। जनता ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना जरूरी है। रैलियों और यात्राओं के माध्यम से जनता के मुद्दों को सामने लाया जाता है। उन्होंने भाजपा की ओर से ईवीएम और कांग्रेस सरकार की गारंटियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाए। आरडीजी बंद होने के बावजूद हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की है। केंद्र से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की राशि बंद होने के बावजूद सरकार आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है। सीएम ने कहा कि करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपए की कटौती के बावजूद सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को संभाला है। उन्होंने इसे परिवार के बजट से जोड़ते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की 50 हजार या एक लाख रुपए मासिक आय में से 15 से 20 हजार रुपये काट दिए जाएं, तो परिवार का बजट संतुलित करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भी एक परिवार की तरह होती है और प्रदेश को चलाने के लिए आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कांग्रेस सरकार ने इस चुनौती का सामना किया है। हिमाचल की संपदा को लूटने नहीं देंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का मुख्य आधार प्रदेश की अपनी संपदा है। सरकार प्रदेश के संसाधनों का संरक्षण कर रही है और इन्हें लूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हिमाचल की जो संपदा है, उस संपदा को न तो हम लूटने दे रहे हैं, न ही लूट रहे हैं और न ही लूटने देंगे। न ही लुटाएंगे।” सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश की संपदा का इस्तेमाल हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करेगी।