शिमला में पुलिस नशा तस्करी के विरुद्ध एक कॉम्प्रिहेंसिव रणनीति के तहत कार्रवाई कर रही है। जिसके अंतर्गत नशे की कमाई को भी खत्म किया जा रहा है। इसी कड़ी में पहली बार शिमला पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों एवं अनाधिकृत निर्माणों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई भी शुरू की है। इन पर पुलिस ने बुल्डोजर चलाया है। इस पहल का उद्देश्य नशा तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले संभावित ठिकानों और उससे जुड़े अवैध ढांचों को समाप्त करना है, जिससे नशे के काले कारोबार को खत्म करने में काफी सफलता मिल रही है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को चिडगांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के समीप लोक निर्माण विभाग (PWD) की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यह मामला चिट्ठा तस्करी के खिलाफ NDPS Act के अंतर्गत, पुलिस थाना कोटखाई से संबंधित है। मामले की समीक्षा के दौरान सरकारी भूमि पर दुकानों एवं एक स्टोर का निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए की पांच दुकानों को ध्वस्त किया गया तथा स्टोर को अपने कब्जे में लिया गया। इससे पहले भी 8 अक्टूबर को को रोहड़ू क्षेत्र में एक नशा तस्कर के अवैध रेस्टोरेंट को भी बुलडोजर द्वारा ध्वस्त किया गया था। शिमला में पहली बार बुलडोजर एक्शन शिमला जिले में नशा तस्करों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई पहली बार ही की गई है और सिर्फ 8 महीनों में ही शिमला पुलिस के अथक प्रयासों के चलते दो नशा तस्करों द्वारा बनाई गई अवैध संपत्तियों को बुलडोजर द्वारा डिस्मेंटल कर दिया गया है। 58 अवैध संपत्तियां चिन्हित एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत इस पहलू पर शिमला पुलिस द्वारा फरवरी महीने से ही मजबूत कार्रवाई शुरू करते हुए बड़े-बड़े नशा तस्करों की नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियों एवं निर्माणों का सत्यापन भी किया गया है। अब तक पुलिस द्वारा 940 सत्यापन किए जा चुके हैं, जिनके आधार पर 58 संभावित अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया गया हैं। शिमला पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को गिरफ्तारी और बरामदगी से आगे बढ़ाते हुए मुख्य सप्लायरों, उनके वित्तीय नेटवर्क, अवैध संपत्तियों तथा नशे के कारोबार से जुड़े संभावित ठिकानों तक पहुंचना है। नशा तस्करी से जुड़े अवैध नेटवर्क के हर पहलू पर कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसके तहत मादक पदार्थों की प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बरामदगी, बैकवर्ड लिंकेज की जांच के माध्यम से मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी तथा नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने के लिए वित्तीय जांच की जा रही है।