छोटी काशी मंडी में रविवार को परंपरागत टारना माता नवरात्रि मेले की धूम देखने को मिली। श्रद्धा, आस्था और धार्मिक परंपराओं के बीच आयोजित अष्टमी मेले में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूजा-अर्चना के बाद निकाली गई भव्य शोभायात्रा माता के जयकारों से गूंज उठी। शोभायात्रा में माता नैन उग्रतारा भी शामिल हुईं, जिससे धार्मिक उत्सव की रौनक और बढ़ गई। नगर निगम मंडी की ओर से आयोजित मेले के तहत सबसे पहले श्री राज माधव की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद बाबा भूतनाथ, सिद्धकाली और भैरवनाथ का पूजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत श्री राज माधव मंदिर से टारना पौड़ियां होते हुए माता टारना मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा और माता के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा के माता टारना मंदिर पहुंचने पर नगर निगम मंडी की महापौर सुमन ठाकुर ने रिबन काटकर अष्टमी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इसके पश्चात माता टारना की विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। मेला मंडी की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा इस अवसर पर मेयर सुमन ठाकुर ने कहा कि टारना माता का मेला मंडी की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। छोटी काशी मंडी की आराध्य देवी मां टारना शहर की आस्था और पहचान का प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे मेले हमारी समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। प्राचीन मेले को भव्य स्वरूप प्रदान करने की तैयारी उन्होंने कहा कि इस प्राचीन मेले को आने वाले समय में और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को व्यापक पहचान मिल सके। नगर निगम का प्रयास रहेगा कि मेले की परंपराओं को संरक्षित करते हुए इसे श्रद्धालुओं के लिए और बेहतर बनाया जाए। टारना माता अष्टमी मेले ने एक बार फिर छोटी काशी मंडी की समृद्ध देव संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक विरासत की भव्य झलक प्रस्तुत की।