हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत नर्सरी से पहली कक्षा तक दाखिले के लिए निर्धारित आयु सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, बालवाटिका-1 (नर्सरी) के लिए तीन साल, बालवाटिका-2 (LKG) चार साल, बालवाटिका-3 (UKG) के लिए पांच साल और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 साल की उम्र पूरी होना जरूरी है। यह उम्र संबंधित शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के वर्ष की 30 सितंबर तक पूरी होनी चाहिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे। इसके साथ ही संबंधित कक्षा के लिए निर्धारित उम्र न्यूनतम आयु है, इसे अधिकतम आयु सीमा नहीं माना जाएगा। अधिक उम्र होने पर भी मिल सकेगा दाखिला शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, यदि कोई बच्चा निर्धारित न्यूनतम उम्र से अधिक का है, तो केवल इसी आधार पर उसे दाखिला देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यानी 4 साल की उम्र पूरी कर चुका बच्चा नर्सरी, 5 साल की उम्र पूरी कर चुका बच्चा LKG और 6 साल की उम्र पूरी कर चुका बच्चा UKG में भी प्रवेश ले सकता है, बशर्ते अभिभावक संबंधित कक्षा में दाखिले का अनुरोध करें। सभी स्कूलों को निर्देशों का पालन करना होगा शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित स्कूलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), हिमाचल प्रदेश आरटीई नियम, 2025 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह स्पष्टीकरण शिक्षा विभाग के 12 मार्च, 2026 के पूर्व पत्र के संदर्भ में जारी किया गया है। अतिरिक्त सचिव (शिक्षा) अनिल चौहान की ओर से जारी पत्र में निदेशक स्कूल शिक्षा को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।