शिमला शहर के उपनगर संजौली से ढली टनल के बीच सड़क को छोटे वाहनों के लिए आज (1 सितंबर) से खोल दिया गया है। हाईकोर्ट के आदेशों पर सुबह 8:30 से 9:15 बजे तक सड़क बंद रखने को लगी बंदिश हट गई है। इसे फिलहाल ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। एसएसपी शिमला ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। सड़क खुलने से शिमला शहर के अलावा सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों से चमियाना स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और स्टाफ को बड़ी राहत मिलेगी। चमियाना में बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में मरीजों को सुबह 9 से 10 बजे के बीच पहुंचना होता है। ऐसे में सुबह संजौली से ढली टनल के बीच सड़क बंद होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती थी। अभी वाया संजौली-ढली बाइपास होते हुए अस्पताल पहुंचते हैं मरीज सड़क बंद होने के कारण वाहनों को संजौली-ढली बाइपास और सब्जी मंडी होते हुए चमियाना जाना पड़ता था। इससे सफर लंबा हो जाता था। इससे मरीजों के साथ अस्पताल के स्टाफ और आम लोगों को भी रोजाना अतिरिक्त समय और दूरी तय करनी पड़ती थी। हाईकोर्ट में उठाया था मामला संजौली-ढली मार्ग को सुबह और शाम बंद रखने के मामले में चमियाना अस्पताल सुपर स्पेशियलिटी एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर राहत की मांग की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुबह मार्ग खोलने के आदेश दिए हैं। करीब एक दशक पहले हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ही इस मार्ग को सुबह करीब आधे घंटे और शाम को भी लगभग पौने दो घंटे की अवधि तक वाहनों के लिए बंद रखा जाता था। अब सुबह के समय इसमें राहत दी गई है। ट्रायल सफल रहा तो शाम को भी मिलेगी राहत छोटे वाहनों के लिए सुबह मार्ग खोलकर ट्रायल किया जा रहा है। यदि ट्रायल सफल रहता है तो शाम के समय भी करीब 5:15 से 5:30 बजे तक वाहनों की आवाजाही खोलने की योजना है। सुबह मार्ग खुलने से चमियाना अस्पताल जाने वाले मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ के साथ-साथ शिमला शहर के हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यही नहीं आम जनता, ढली, समिट्री, संजौली से शहर के स्कूलों में जाने वाले बच्चों को भी फायदा होगा। हालांकि इस फैसले के लिए राहगीरों को अब संभलकर चलने की जरूरत होगी।