अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां खड़ा डंडा रोड पर ‘अदर स्पेस कैफे’ के पास एक दीवार पर स्प्रे पेंट से फिलिस्तीन विरोधी अश्लील और भड़काऊ नारे लिखे गए हैं। अति-संवेदनशील और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय विवाद से जुड़े आपत्तिजनक स्लोगन लिखे जाने से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं, वहीं स्थानीय निवासियों और विदेशी पर्यटकों में भी इस हरकत को लेकर गहरा रोष है। सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल मैक्लोडगंज बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का अस्थाई निवास स्थान होने के साथ-साथ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) का मुख्यालय भी है। इसके अलावा, यहां से कुछ ही दूरी पर योल कैंट में भारतीय सेना की रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘9वीं कोर’ का मुख्यालय स्थित है। ऐसे हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील इलाके में इस तरह की शरारत सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े करती है। ‘मिनी इजरायल’ के नाम से मशहूर है धर्मकोट गौरतलब है कि मैक्लोडगंज से सटे धर्मकोट और भागसूनाग क्षेत्र सालों से इजरायली पर्यटकों के पसंदीदा ठिकाने रहे हैं। धर्मकोट को ‘मिनी इजरायल’ और ‘तेल अवीव ऑफ द हिल्स’ के नाम से भी जाना जाता है, जहां हर साल लगभग 20 हजार इजरायली पर्यटक छुट्टियां बिताने आते हैं। इजरायल-हमास संघर्ष के बाद से इस पूरे क्षेत्र की संवेदनशीलता पहले ही काफी बढ़ी हुई है। यह पहली बार नहीं है जब धर्मशाला या मैक्लोडगंज में इस तरह के विवादित स्लोगन दिखे हों। इससे पहले वर्ष 2023 में भी धर्मशाला में खालिस्तान समर्थक ग्राफिटी (नारेबाजी) लिखने का मामला सामने आ चुका है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। पुलिस द्वारा इलाके के आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की पहचान की जा सके। शरारती तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा: एसपी कांगड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए कांगड़ा के एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली है और टीम तुरंत जांच में जुट गई है। एसपी ने सख्त लहजे में कहा, “सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इस संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस के अनुसार, इस संबंध में पहले ही एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।