हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में सोमवार सुबह एक कबाड़ कारोबारी पर गोली चलाने के प्रयास के मामले में बद्दी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित घेराबंदी की बदौलत वारदात के महज आधे घंटे के भीतर दो खतरनाक शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के तार कुख्यात बंबीहा गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात सोमवार सुबह उस वक्त हुई जब एक स्थानीय कबाड़ कारोबारी अपनी दुकान के बाहर खड़ा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। उन्होंने आते ही व्यवसायी पर पिस्टल तान दी और गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैदी के चलते कारोबारी की जान बच गई। भागने की फिराक में थे आरोपी, नाकेबंदी कर दबोचे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) बद्दी विनोद धीमान तुरंत एक्शन में आए और उनके निर्देश पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने फील्ड इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों का पीछा किया और पंजाब भागने की फिराक में लगे दोनों शूटरों को ढेरोवाल बैरियर के पास दबोच लिया। आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह (उम्र 31 वर्ष), निवासी जिला कैथल, हरियाणा। मनप्रीत सिंह (उम्र 20 वर्ष), निवासी जिला संगरूर, पंजाब के रुप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की मोटरसाइकिल के अलावा 2 पिस्तौल, 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। बंबीहा गैंग के गैंगस्टर पवन चौधरी से जुड़े तार प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि इस हमले के पीछे बंबीहा गैंग के कुख्यात गैंगस्टर पवन कौशल चौधरी का नाम जुड़ा है। एसपी विनोद धीमान ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अब इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate Gang), आपसी रंजिश और रंगदारी (फिरौती) जैसे सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज पुलिस थाना नालागढ़ में दोनों आरोपियों के खिलाफ नए कानूनों के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 व 59 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को मंगलवार को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें रिमांड पर लेकर गिरोह के अन्य नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।