धर्मशाला नगर निगम में सोमवार को नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद सियासी ड्रामा देखने को मिला। मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए पहले दिन जरूरी तीन-चौथाई कोरम (बहुमत) पूरा न होने के कारण चुनाव को टालना पड़ा। यह स्थिति तब पैदा हुई जब कांग्रेस के पांच और एक निर्दलीय पार्षद ने सदन से वॉकआउट कर दिया। अब मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अगली जंग 1 जुलाई को होगी। धर्मशाला नगर निगम की सत्ता की चाबी फिलहाल भाजपा के पास मजबूत दिख रही है, लेकिन कांग्रेस ने अपनी रणनीति से पेंच फंसा दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहले दिन चुनाव टलवाना कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति है ताकि 1 जुलाई से पहले निर्दलीय और असंतुष्ट पार्षदों को साधने का वक्त मिल सके। हालांकि, 1 जुलाई को केवल साधारण बहुमत (9 वोट) की जरूरत होगी, जिसे देखते हुए भाजपा की जीत तय मानी जा रही है। शपथ ग्रहण के ठीक बाद हुआ वॉकआउट सोमवार सुबह 11:21 बजे मिनी सचिवालय (कचहरी अड्डा) के कैबिनेट हॉल में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा ने सभी 17 नवनिर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नियमानुसार, पहले दिन चुनाव कराने के लिए तीन-चौथाई कोरम होना अनिवार्य था। जैसे ही शपथ ग्रहण समारोह समाप्त हुआ, कांग्रेस के 5 पार्षदों और वार्ड नंबर-9 (सकोह) से निर्दलीय पार्षद नरेश कुमार ने एकजुट होकर सभागार से वॉकआउट कर दिया। देखना है कि 48 घंटे में क्या उलटफेर होता है इसके बाद डीसी कांगड़ा ने बैठक को 30 मिनट के लिए स्थगित किया। दोबारा बैठक शुरू होने पर भी सदन में केवल भाजपा के 11 पार्षद और पदेन पार्षद के रूप में स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ही मौजूद थे, जिसके चलते चुनाव टालने की घोषणा करनी पड़ी। अब पूरी नजरें 1 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि अगले 48 घंटों में भाजपा अपना किला बचाए रखती है या कांग्रेस किसी बड़े उलटफेर को अंजाम देती है। वोटों का गणित: किसका पलड़ा भारी? भाजपा खेमा (मजबूत स्थिति): 17 में से 11 पार्षद भाजपा के हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा का पदेन वोट भी भाजपा के साथ है। विपक्ष खेमा (कांग्रेस + निर्दलीय): कांग्रेस के पास 5 पार्षद हैं और 1 निर्दलीय भी फिलहाल कांग्रेस के साथ खड़ा दिख रहा है। विकास के दावों के बीच ‘कुर्सी’ की जंग शपथ लेने के बाद पार्षदों ने मीडिया से बातचीत में स्मार्ट सिटी के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने, मैक्लोडगंज में पार्किंग-ट्रैफिक समस्या सुलझाने और 24 घंटे पेयजल आपूर्ति जैसे बड़े-बड़े वादे किए। लेकिन धरातल पर पहली प्राथमिकता अपनी पार्टी का मेयर बिठाने की दिख रही है। इस मौके पर कांगड़ा के डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि सभी निर्वाचित पार्षदों को बधाई। लोकतंत्र के इस उत्सव के बाद अब बिना किसी भेदभाव के धर्मशाला के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
सदन की दलीय स्थिति: किस वार्ड से कौन जीता?

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