हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसव के बाद 23 वर्षीय रजनी शर्मा की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। रजनी शर्मा की मौत से गुस्साए कुल्लू और मंडी जिले के लोगों ने सोमवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन और चक्का जाम किया। अब प्रदर्शनकारी ढालपुर चौक एसपी ऑफिस के बाहर पहुंचकर नारेबाजी कर रहे है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। लोगों ने राज्य सरकार और डॉ. अनु के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी डॉ. अनु के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री का पुतला भी जलाया गया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रणजीत ठाकुर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) डॉ. हीरा लाल बोध से मुलाकात करने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल का मुख्य गेट बंद कर दिया। हालांकि, आक्रोशित भीड़ गेट खोलकर अस्पताल परिसर में दाखिल हो गई। इससे कुछ समय के लिए अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल बन गया। 20 जून को हुई थी रजनी शर्मा की मौत बता दें कि 20 जून को कुल्लू अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची रजनी शर्मा की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि महिला ने कई बार डॉक्टर को दर्द की शिकायत की, लेकिन डॉक्टर ने उपचार करने के बजाय उसके साथ दुर्व्यवहार किया। परिजनों ने एक नर्स पर भी दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। परिजनों की मांग के बावजूद अब तक डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। इसी के विरोध में सोमवार को कुल्लू के ढालपुर चौक पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ‘न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन’ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सराजी ने सरकार और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रजनी शर्मा की मौत को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।