स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत ब्लॉक देहरा में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का कार्य सफलतापूर्वक किया गया। खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने अभियान के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती चरण में ब्लॉक देहरा के विभिन्न पोलिंग बूथों पर लगभग 6,085 बच्चों को ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाई गई है। डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “सोमवार और मंगलवार को आपके घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करें। अपने आस-पड़ोस में भी यह सुनिश्चित करें कि 5 वर्ष तक की आयु का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे, ताकि हम पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को अक्षुण्ण रख सकें। इस ‘हाउस-टू-हाउस’ अभियान को पूरी सटीकता के साथ जमीन पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। अब घर-घर जाकर दी जाएगी खुराक; सोमवार और मंगलवार को विशेष मुहिम बीएमओ डॉ. हरिंदर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि जो बच्चे किसी कारणवश रविवार को अपने नजदीकी पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाए या दवा पीने से वंचित रह गए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे सभी छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए 29 और 30 तारीख (सोमवार और मंगलवार) को एक विशेष अनुवर्ती (Follow-up) अभियान चलाएगा, जिसके तहत टीमें सीधे लोगों के घरों पर दस्तक देंगी। सुरक्षा चक्र मजबूत करने के लिए तैनात किए 14 सुपरवाइजर ब्लॉक देहरा के कोने-कोने में छूटे हुए बच्चों की पहचान करने और उन्हें मौके पर ही दवा पिलाने के लिए कुल 136 फील्ड टीमों का गठन किया गया है। फील्ड स्तर पर हो रहे काम की सख्त निगरानी, जांच और औचक निरीक्षण (Inspection) के लिए 14 अनुभवी सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है।

फोटो से अभियान

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