हिमाचल प्रदेश के चारों नगर निगमों सोलन, पालमपुर, मंडी और धर्मशाला को आज मेयर और डिप्टी मेयर मिल सकते हैं। पालमपुर में कांग्रेस और अन्य तीन जगह बीजेपी के मेयर व डिप्टी मेयर बनने तय है। लिहाजा, सबकी नजरें अब पार्टी नेतृत्व पर टिकी है कि किसे कहां पर मेयर व डिप्टी मेयर बनाया जाता है। सूत्रों के अनुसार मंडी नगर निगम में मेयर पद को लेकर भाजपा में सहमति बन गई है। यहां सुमन के नाम की चर्चाएं है। सुमन को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का करीबी माना जाता है और चुनाव जीतने के बाद वह निरंतर जयराम ठाकुर व पार्टी नेतृत्व से मिलकर दावेदारी जताती रही है। वह लगातार तीन बार पार्षद का चुनाव जीत चुकी हैं। धर्मशाला में परवीन और हर्ष ओवराय दौड़ में धर्मशाला नगर निगम में भी बीजेपी की स्थिति मजबूत है। यहां मेयर पद के लिए स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा के करीबी एवं पत्रकार परवीन कुमार और हर्ष ओवरॉय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। पालमपुर में तीन नाम दौड़ में पालमपुर में मेयर पद की दौड़ में रितेश ठाकुर, राधा सूद और रंजीत कौर को आगे माना जा रहा है। तीनों पार्षद स्थानीय विधायक आशीष बुटेल के करीबी हैं। सोलन में अभिषेक मेयर की रेस में आगे सोलन नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने 17 में से 10 सीटों पर जीत हासिल की है। यहां भाजपा के अभिषेक ठाकुर को मेयर का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। इसी तरह, डिप्टी मेयर के लिए सुषमा को दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और निर्वाचित पार्षदों की सहमति के बाद ही होगा। भाजपा के 2 निर्वाचित पार्षदों की बढ़ी मुश्किलें सोलन नगर निगम में शपथ ग्रहण से पहले बीजेपी के दो पार्षदों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन पर अवैध अतिक्रमण के आरोप लगे है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में अतिक्रमण के आरोप सही साबित होने के बाद मामला डिवीजन कमिश्नर के पास पहुंच गया है। डिवीजनल कमिश्नर द्वारा यदि इनके खिलाफ फैसला सुनाया गया तो सोलन में बीजेपी के पास 8 पार्षद रह जाएंगे। इससे यहां मुकाबला रोचक हो सकता है। इसी वजह से सोलन में आज मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव की संभावना कम है। सूत्रों के अनुसार- कांग्रेस पार्षद चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार कर सकते हैं। चारो नगर निगम में मेयर पद ओपन राज्य के चारों नगर निगम में मेयर का पद ओपन (अनारक्षित) हैं। इस बार मेयर व डिप्टी मेयर पांच साल के लिए चुने जाएंगे, जबकि 2021 के चुनाव में मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव ढाई-ढाई साल के लिए होता था। एक महीने बाद शपथ ग्रहण राज्य के चारों निकायों में बीते 17 मई को मतदान हुआ। 31 मई को रिजल्ट घोषित किए गए। अब करीब एक महीने बाद नवनिर्वाचित पार्षदों का आज शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। शपथ के बाद मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।