शिमला के उपमंडल रामपुर में रविवार से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शंखनाद हो गया है। इस अभियान के तहत शून्य से 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए जीवनरक्षक बूंदें पिलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार रामपुर विकास खंड के अंतर्गत कुल 5,272 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। रविवार को जो बच्चे किन्हीं कारणों से पोलिया बूथ तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें आगामी 29 और 30 जून को मुस्तैदी के साथ घर-घर दस्तक देंगी और छूटे हुए बच्चों को पोलिया की खुराक सुनिश्चित करेंगी। 5,014 बच्चों को पिलाई खुराक, 95 फीसदी लक्ष्य पूरा रामपुर में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन स्वास्थ्य विभाग ने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 5,014 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाकर 95 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया। विभाग का लक्ष्य 5,272 बच्चों तक पहुंचना था। पहले दिन 4,908 बच्चों को विभिन्न पोलियो बूथों पर, 41 बच्चों को ट्रांजिट प्वाइंट और 65 बच्चों को मोबाइल टीमों के माध्यम से पोलियो की दवा पिलाई गई। अभियान के दौरान कुल 279 वैक्सीन वायल का उपयोग किया गया।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रबंध पोलियो बूथ: क्षेत्र में कुल 62 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। विशेष टीमें: 2 ट्रांजिट बूथ और 2 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। कार्यबल: कुल 128 टीमें और उनकी निगरानी के लिए 10 पर्यवेक्षक (Supervisors) मैदान में तैनात हैं।
चेक पोस्टों पर पैनी नजर, प्रवासियों से भी विशेष अपील बाहर से आने-जाने वाले बच्चों के लिए चौरा और सुंगरी चेक पोस्ट पर विशेष ट्रांजिट बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, झाकड़ी-भेरा खड्ड और झाकड़ी-बधाल परियोजना क्षेत्र में मोबाइल टीमें लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने सभी सरकारी विभागों को आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ काम करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्थानीय अभिभावकों के साथ-साथ क्षेत्र में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाएं और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का पूरा सहयोग करें। कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से बाहर नहीं छूटना चाहिए।” पर्यटकों के बच्चों को भी पिलाई जा रही दवा बीएमओ रामपुर डॉक्टर गगन शर्मा ने अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र का एक भी पात्र बच्चा इस खुराक से वंचित न रहे। चौरा और सुंगरी चेक पोस्ट पर स्थापित ट्रांजिट बूथों के माध्यम से हिमाचल आने वाले बाहरी राज्यों के पर्यटकों और यात्रियों के बच्चों को भी मौके पर ही पोलिया रोधी दवा पिलाई जा रही है ताकि वायरस फैलने की हर गुंजाइश को खत्म किया जा सके।