हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को अभी डेढ़ साल बाकी है। मगर भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने एक जनसभा में ठियोग की जनता से अजय श्याम को जिताने की अपील कर डाली। उनके इस बयान पर बीजेपी में घमासान छिड़ गया है। बीजेपी के बड़े नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज बलवीर वर्मा पर भड़क उठे हैं। संदीपनी ने तीन बार के विधायक बलवीर वर्मा को यहां तक कह डाला कि बलवीर वर्मा भाजपा की विचारधारा और संस्कारों से दो-चार साल पहले ही जुड़े हैं। संभव है कि इसी कारण उन्हें पार्टी की प्रक्रिया की पूरी जानकारी न हो। इससे भाजपा की ‘अंदरूनी कलह’ खुलकर सामने आने लगी है। चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि अनुशासित माने जाने वाली पार्टी बीजेपी में किसे टिकट मिलना है, यह पार्लियामेंटरी बोर्ड तय करता है। आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का: बलवीर शुक्रवार को ठियोग में बिशू मेले के दौरान बलवीर वर्मा ने अजय श्याम को विधानसभा भेजने की अपील की। अजय श्याम वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में ठियोग सीट से भाजपा प्रत्याशी रह चुके हैं। बलवीर वर्मा ने कहा कि आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का है। उन्होंने ठियोग-कुमारसैन-कोटगढ़ की जनता से आग्रह करते हुए कहा कि अजय श्याम को विधानसभा में भेजने के लिए अभी से संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग भी बदलाव के साथ खड़े हुए हैं और अब ठियोग की जनता को भी भाजपा के साथ आना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने विधायक के बयान पर उठाए सवाल संदीपनी भारद्वाज ने भाजपा में कैंडिडेट तय करने की एक प्रक्रिया है और टिकट का फैसला पार्लियामेंट्री बोर्ड करता है। उन्हें नहीं पता कि बलवीर वर्मा ने किस आवेश में आकर यह बयान दिया। वह यह कह सकते थे कि ठियोग में कमल का फूल खिलेगा, लेकिन किसी व्यक्ति विशेष के नाम की घोषणा करना पार्टी की परंपरा के अनुरूप नहीं है। अजय श्याम ने भी दिए संकेत वहीं अजय श्याम ने भी बिशू मेले के दौरान इशारों में अपनी दावेदारी से बढ़कार विधानसभा में क्षेत्र की आवाज मजबूती से रखने की बात कही। उन्होंने बलवीर वर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि शिमला जिला से बलवीर वर्मा को मंत्री के रूप में देखा जाए। ठियोग में इस वजह से टिकट के दावेदार ज्यादा ठियोग के इस घटनाक्रम ने सियासी माहौल गर्मा दिया है, क्योंकि ठियोग से बीजेपी टिकट के कई दावेदार है। खासकर पिछले चुनाव में BJP प्रत्याशी अजय श्याम के उस बयान से पार्टी के कई नेता भी आहत है, जिसमे उन पर सनातन विरोधी और ब्राह्मण समाज का अपमान करने के आरोप लगे थे। दरअसल, सनातन के नाम पर राजनीति करने वाली BJP के महासू जिला के पूर्व अध्यक्ष अजय श्याम ने पुनर्जन्म, किसी व्यक्ति के मरने के बाद किए जाने वाले कर्मकांड और ब्राह्मणों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। ठियोग विधानसभा के आर्यन पब्लिक स्कूल क्यारा के एक कार्यक्रम में सात महीने पहले अजय श्याम ने कहा था- आपका पुनर्जन्म होगा, इस बात को दिमाग से निकाल दो, कोई पंडित अगर आकर मेरे को सर्टिफिकेट दे दें कि 16वें के दिन जो बिस्तर दिया था ये ऊपर पहुंचा है, अगर कोई एक भी पंडित आकर मेरे को रिसिप्ट दे दें, मेरी बात करा दें कि दो जो बिस्तर यहां से गया था वो ऊपर मिला है, वो कही नहीं मिला, कहीं कुछ नही गया, मैं बता रहा हूं यहां से, मरने के बाद भी फोन साथ चाहिए, पंडित जी को दान कर देना, ये टाइम आने वाला है, कि बेटा जब मैं मरू तो फोन दे देना साथ, कुछ नहीं होने का, आपके सामने कितने लोग क्यारा में धुआं हो जाते हैं, कोई वापस नहीं आया ये बोलने कि तेरा दिया हुआ बेड, तेरा खिलाए हुए धिंधड़े (पहाड़ी डिश) मिल गए, कोई सर्टिफिकेट नहीं आया आज तक आगे भी नहीं आएगा। अजय के लिए उल्टा पड़ सकता है ये बयान इस बयान के बाद ठियोग बीजेपी में खासकर ब्राह्मण नेता नाराज है। अजय का यह बयान दिसंबर 2027 के विधानससभा चुनाव में उनके टिकट का विरोध करने की बड़ी वजह हो सकता है। ब्राह्मण समाज ने जमकर अजय श्याम को ट्रोल किया था। हालांकि, अजय श्याम ने तब सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली थी। अब ब्राह्मण नेता संदीपनी भारद्वाज का इस तरह आक्रामक होना इसी का नतीजा माना जा रहा है।